लखनऊ। लखनऊ जिले के बख्शी का तालाब के इटौंजा थाना क्षेत्र से कथित धर्मान्तरण, ब्लैकमेलिंग और महिला उत्पीड़न का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता की मां ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को प्रार्थना पत्र भेजकर बेटी की बरामदगी,धर्मान्तरण रोकने तथा आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। वहीं प्रार्थिनी रामरती पत्नी बच्चू लाल रावत, निवासी ग्राम भोलापुरवा, रूदही, थाना बख्शी का तालाब, लखनऊ ने आरोप लगाया है कि उनकी पुत्री नीतू रावत, जो ग्राम लोधौली थाना इटौंजा में अपने पति और दो छोटे बच्चों के साथ रहती थी, को एक संगठित गिरोह द्वारा फंसाकर गायब कर दिया गया।
प्रार्थना पत्र के अनुसार, किरन रावत नामक महिला, जो सीतापुर जनपद की रहने वाली बताई गई है, कथित रूप से मोटी रकम लेकर धर्मान्तरण का रैकेट चलाती है। महिला ने आरोप लगाया कि इस गिरोह में इटौंजा स्थित रायल अवध लानध्होटल का चैकीदार इश्तियाक तथा अकरम अली उर्फ अनुकरम अली भी शामिल हैं, जिसमें अकरम अली को गिरोह का मुख्य संचालक बताया गया है।
आरोप है कि 26 मार्च 2026 को किरन रावत उनकी पुत्री को रायल अवध लानध्होटल लेकर गई, जहां कथित रूप से उसके साथ गलत काम किया गया और अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया गया। इसके बाद 30 मार्च 2026 को उसे गायब कर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया जाने लगा।
पीड़िता की मां का कहना है कि उन्होंने थाना इटौंजा में लिखित शिकायत दी थी, लेकिन पुलिस ने केवल गुमशुदगी दर्ज की और अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। उन्होंने आरोप लगाया कि 11 अप्रैल 2026 को उनकी पुत्री ने रोते हुए फोन पर अपनी आपबीती सुनाई और जान का खतरा बताया। वहीं 12 अप्रैल को अपने बेटे को भेजे गए संदेश में उसने आशंका जताई कि वह शायद जीवित नहीं बच पायेगी। वहीं प्रार्थिनी का आरोप है कि उन्होंने पुलिस को संबंधित नाम, सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल संदेश भी उपलब्ध कराए, लेकिन इसके बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। परिवार ने आरोप लगाया कि यह एक संगठित गिरोह है, जो महिलाओं को ब्लैकमेल कर जबरन धर्म परिवर्तन कराने का काम करता है। पीड़िता की मां ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि मामले में तत्काल प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए तथा उनकी पुत्री को सकुशल बरामद किया जाएं।

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