लखनऊ/उन्नाव । महिलाओं एवं किशोरियों के स्वास्थ्य, स्वच्छता और जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उत्कर्ष ग्लोबल फाउंडेशन द्वारा उन्नाव जनपद के सफीपुर क्षेत्र में एक विशेष “मेंस्ट्रूअल हाइजीन जागरूकता कार्यक्रम” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं एवं किशोरियों को मासिक धर्म से संबंधित भ्रांतियों को दूर करते हुए स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं आत्मविश्वास के प्रति जागरूक करना था।आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में मासिक धर्म को लेकर कई प्रकार की सामाजिक भ्रांतियाँ एवं झिझक मौजूद हैं। इसी सोच को बदलने और महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के लिए उत्कर्ष ग्लोबल फाउंडेशन लगातार सामाजिक स्तर पर कार्य कर रहा है। संस्था द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम महिलाओं और बच्चियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक एवं ज्ञानवर्धक साबित हुआ।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किशोरियों, महिलाओं एवं बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। आयोजन की शुरुआत स्वागत एवं परिचय सत्र से हुई, जिसमें संस्था की ओर से उपस्थित अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया गया। इसके बाद कार्यक्रम में चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें बच्चों ने अपनी कला के माध्यम से मासिक धर्म स्वच्छता, साफ-सफाई, स्वास्थ्य सुरक्षा एवं जागरूकता को बेहद सुंदर तरीके से प्रस्तुत किया।बच्चों द्वारा बनाई गई चित्रकारी में स्वच्छता का महत्व, सेनेटरी पैड का सही उपयोग, हाथों की सफाई, स्वच्छ वातावरण तथा महिलाओं के सम्मान जैसे विषय प्रमुख रूप से देखने को मिले। बच्चों की रचनात्मकता एवं जागरूकता को देखकर उपस्थित सभी लोग प्रभावित हुए। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। पुरस्कार प्राप्त कर बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे तथा अन्य बच्चों को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता गीता देवी उपस्थित रहीं। संस्था की ओर से उन्हें सम्मान स्वरूप मोमेंटो भेंट कर सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा कि मासिक धर्म महिलाओं के जीवन की एक सामान्य एवं प्राकृतिक प्रक्रिया है, जिसे लेकर समाज में खुलकर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जागरूकता ही महिलाओं को स्वस्थ एवं सुरक्षित बना सकती है।उन्होंने यह भी कहा कि किशोरियों को प्रारंभ से ही मासिक धर्म के दौरान साफ-सफाई, पोषण और स्वास्थ्य संबंधी सही जानकारी मिलना आवश्यक है, ताकि वे किसी भी प्रकार की बीमारी से बच सकें। गीता देवी ने उत्कर्ष ग्लोबल फाउंडेशन के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में अत्यंत आवश्यक हैं।इसके पश्चात उत्कर्ष ग्लोबल फाउंडेशन की ओर से कार्यक्रम प्रबंधक पूनम झा द्वारा बच्चियों एवं महिलाओं को मेंस्ट्रूअल हाइजीन से संबंधित विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने मासिक धर्म के दौरान अपनाई जाने वाली सावधानियों, स्वच्छता के उपायों तथा सेनेटरी पैड के सुरक्षित उपयोग के बारे में सरल भाषा में जानकारी प्रदान की।पूनम झा ने बताया कि मासिक धर्म के समय साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए। समय-समय पर सेनेटरी पैड बदलना, स्वच्छ पानी से सफाई करना तथा पोषणयुक्त भोजन लेना महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने यह भी बताया कि मासिक धर्म कोई शर्म या छिपाने का विषय नहीं है, बल्कि यह महिलाओं के जीवन की एक सामान्य जैविक प्रक्रिया है।कार्यक्रम के दौरान उपस्थित महिलाओं एवं किशोरियों को जागरूकता सामग्री एवं अवेयरनेस स्टेशन के माध्यम से महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को स्वच्छता से जुड़े विभिन्न पहलुओं को समझाया गया तथा उन्हें अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया गया।इसके बाद कार्यक्रम में क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें महिलाओं एवं बच्चियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता के माध्यम से मासिक धर्म स्वच्छता से जुड़े प्रश्न पूछे गए, जिनका प्रतिभागियों ने आत्मविश्वास के साथ उत्तर दिया। इस गतिविधि ने महिलाओं एवं किशोरियों के ज्ञान को बढ़ाने के साथ-साथ उनके अंदर जागरूकता और आत्मविश्वास का संचार किया।कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं ने संस्था के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य करते हैं। कई महिलाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि पहले वे मासिक धर्म से जुड़ी बातों को खुलकर नहीं कह पाती थीं, लेकिन इस कार्यक्रम से उन्हें सही जानकारी और आत्मविश्वास प्राप्त हुआ।
उत्कर्ष ग्लोबल फाउंडेशन द्वारा समय-समय पर समाज के विभिन्न वर्गों के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरण एवं महिला सशक्तिकरण से संबंधित कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। संस्था का उद्देश्य समाज में जागरूकता फैलाकर लोगों को स्वस्थ, शिक्षित एवं आत्मनिर्भर बनाना है।कार्यक्रम के अंत में संस्था की ओर से सभी प्रतिभागियों, महिलाओं, बच्चियों एवं अतिथियों का आभार व्यक्त किया गया। संस्था ने भविष्य में भी इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम लगातार आयोजित करने का संकल्प लिया, ताकि समाज में महिलाओं के स्वास्थ्य एवं सम्मान को लेकर सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सके।
यह कार्यक्रम न केवल महिलाओं एवं किशोरियों के लिए ज्ञानवर्धक रहा, बल्कि समाज में मासिक धर्म को लेकर फैली गलत धारणाओं को दूर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित हुआ। उत्कर्ष ग्लोबल फाउंडेशन का यह प्रयास महिला स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के क्षेत्र में प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभरा।
