मऊ। कलेक्ट्रेट में सीएम डैशबोर्ड और राजस्व कार्यों की मासिक समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन का सख्त तेवर देखने को मिला। डीएम ने कार्यशैली में सुधार न करने वाले अधिकारियों को आड़े हाथों लेते हुए स्पष्ट किया कि शासन की मंशा के विपरीत काम करने वालों के लिए जिले में कोई जगह नहीं है।
जनसुनवाई पोर्टल (प्ळत्ै) की समीक्षा के दौरान डीएम ने पाया कि कई राजस्व अधिकारियों के निस्तारण से जनता रत्ती भर भी संतुष्ट नहीं है। उन्होंने कड़े निर्देश दिए कि जिन अधिकारियों के कार्यों पर 50 प्रतिशत से अधिक असंतोषजनक फीडबैक मिले हैं, उन्हें तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए।
राजस्व वसूली में खनन विभाग का प्रदर्शन सबसे खराब रहा। अप्रैल माह के लक्ष्य के सापेक्ष खान निरीक्षक मात्र 36.58 प्रतिशत ही वसूली कर सके। डीएम ने इस पर गहरी नाराजगी जताते हुए खान निरीक्षक को नोटिस जारी किया और दो टूक कहा कि यदि अगले माह सुधार नहीं दिखा तो वेतन रोक दिया जाएगा।
खाद्य विभागरू बड़े प्रतिष्ठानों पर प्रभावी जांच अभियान चलाएं और खाद्य पदार्थों की सैंपलिंग में तेजी लाएं।राजस्व वादरू धारा 24, 34, 38 और 116 से जुड़े लंबित मामलों का प्राथमिकता पर निस्तारण करें ताकि आमजन को समय पर न्याय मिले।
बैंकिंग व गन्ना भुगतानरू बैंकों में लंबित पीएम स्वनिधि के आवेदनों को तुरंत निपटाएं और गन्ना अधिकारी भुगतान का डेटा उपलब्ध कराए।ं स्टांप विभागरू श्बी ग्रेडश् प्राप्त होने पर राजस्व वृद्धि के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में सीडीओ विवेक कुमार श्रीवास्तव और एडीएम सत्यप्रिय सिंह सहित तमाम आला अधिकारी मौजूद रहे। डीएम ने अंत में सख्त हिदायत दी कि निर्धारित समय सीमा के भीतर अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित न करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

