Type Here to Get Search Results !
BREAKING NEWS

लखनऊ: बीकेटी इटौंजा सैरपुर में महिलाओं ने रखा वट सावित्री व्रत, पति की लंबी उम्र के लिए की पूजा, बरगद में बांधा सूत्र


लखनऊ। लखनऊ जिले में शनिवार को महिलाओं ने वट सावित्री व्रत रखा। सुहागिन महिलाओं ने अपने पति की लंबी आयु के लिए विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इटौंजा, बीकेटी, कुंम्हरावां, अमानीगंज, अकड़रिया कलां गांव,सैरपुर, मड़ियांव, जानकीपुरम, बुद्धेश्वर, दुबग्गा, इंदिरानगर, निगोहां, राजाजीपुरम और पारा सहित मलिहाबाद,माल, लखनऊ के विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं ने बरगद के वृक्ष की पूजा कर व्रत पूरा किया। ज्येष्ठ महीने में पड़ने वाला वट सावित्री व्रत शादीशुदा महिलाओं के लिए बेहद खास माना जाता है। अखंड सौभाग्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के लिए महिलाएं इस दिन विशेष पूजा-अर्चना करती हैं और व्रत रखती हैं।

भारतीय संस्कृति में वट सावित्री व्रत का विशेष महत्व माना जाता है। यह व्रत मुख्य रूप से सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि के लिए रखती हैं। हर साल ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि को यह व्रत बड़ी श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाता है। इस बार वट सावित्री व्रत कल (शनिवार, 16 मई, 2026) मनाया जा रहा है और इसे लेकर महिलाओं में खास उत्साह देखने को मिल रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस व्रत की कथा देवी सावित्री और उनके पति सत्यवान से जुड़ी हुई है। कहा जाता है कि सत्यवान की अल्पायु तय थी, लेकिन सावित्री ने अपने तप, बुद्धिमानी और अटूट समर्पण से यमराज से अपने पति के प्राण वापस प्राप्त कर लिए थे। तभी से यह व्रत पति की दीर्घायु और अखंड सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। इस दिन महिलाएं सुबह जल्दी उठकर स्नान करती हैं और व्रत का संकल्प लेती हैं। इसके बाद वट यानी बरगद के पेड़ की पूजा की जाती है। महिलाएं पेड़ के चारों ओर धागा बांधकर परिक्रमा करती हैं और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करती हैं। पूजा में फल, फूल, मिठाई, भीगे हुए चने, रोली, अक्षत और जल का विशेष महत्व होता है। बरगद के पेड़ को हिंदू धर्म में अमरता और दीर्घायु का प्रतीक माना गया है। मान्यता है कि इसमें ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों देवताओं का वास होता है। यही कारण है कि वट वृक्ष की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है। वट सावित्री व्रत केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि पति-पत्नी के विश्वास, समर्पण और प्रेम का भी प्रतीक माना जाता हैयह व्रत विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और दांपत्य जीवन में सुख-समृद्धि की कामना के लिए रखती हैं।

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Design by - Blogger Templates |