पीलीभीत। बिलसंडा कस्बे के वमरौली तिराहे पर दिनदहाड़े हुई व्यापारी पप्पू गुप्ता की गोली मारकर हत्या के बाद पूरे कस्बे में उबाल आ गया है। घटना से गुस्साए व्यापारियों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर सड़क पर उतरकर जाम लगा दिया। व्यापारियों का कहना था कि जब भीड़भाड़ वाले इलाके में सरेआम गोली मारकर हत्या हो सकती है तो आम आदमी और व्यापारी आखिर कितने सुरक्षित हैं।
हत्या की घटना के बाद बाजारों में सन्नाटा पसर गया। बड़ी संख्या में व्यापारी, स्थानीय लोग और मृतक के समर्थक सड़क पर जमा हो गए। आक्रोशित लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग उठाई। जाम के दौरान कई घंटे तक यातायात प्रभावित रहा और सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
व्यापारियों का कहना था कि अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि अब उन्हें कानून का कोई डर नहीं रह गया है। लोगों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाओं के बावजूद पुलिस अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने में विफल साबित हो रही है।
गौरतलब है कि गुरुवार शाम नगर पंचायत अध्यक्ष एवं भाजपा नेता डीके गुप्ता के चचेरे भाई और कपड़ा कारोबारी पप्पू गुप्ता की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बताया जा रहा है कि पप्पू गुप्ता अपने पड़ोसी और दोस्त पंकज कटियार को बचाने पहुंचे थे, तभी हमलावरों ने उन्हें गोली मार दी।
जानकारी के अनुसार साइकिल कारोबारी पंकज का अपनी पत्नी शीतल से लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते शीतल के पिता रामनाथ कृपाल, विमल, रितेश समेत कई लोग दो बाइकों से बिलसंडा पहुंचे और पंकज के साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी।प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हमलावर पंकज को दुकान से खींचकर बेरहमी से पीट रहे थे। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए। इसी दौरान पप्पू गुप्ता बीच-बचाव के लिए पहुंचे। उन्होंने एक आरोपी को पकड़कर अलग करने का प्रयास किया, तभी आरोपी ने तमंचा निकालकर बेहद करीब से उनके सीने में गोली मार दी। गोली लगते ही पप्पू गुप्ता सड़क पर गिर पड़े और मौके पर चीख-पुकार मच गई।
बताया जा रहा है कि घायल अवस्था में वह काफी देर तक सड़क पर तड़पते रहे। बाद में पुलिस की मदद से उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने हालत गंभीर होने पर बरेली रेफर कर दिया। लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। घटना के बाद मृतक के घर पर मातम पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक अपने पीछे पत्नी अनीता गुप्ता और चार बच्चों को छोड़ गए हैं। परिवार ने आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी सजा देने की मांग की है।
व्यापारियों ने कहा कि अगर जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। कई व्यापारिक संगठनों ने चेतावनी दी कि आवश्यकता पड़ने पर बाजार बंद कर बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा। व्यापारियों का कहना है कि अब यह लड़ाई सिर्फ एक परिवार की नहीं बल्कि पूरे व्यापारी समाज की सुरक्षा की है। इधर घटना के बाद पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। सर्विलांस और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश की जा रही है। इस बीच बिलसंडा पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में लगातार अपराध बढ़ रहे हैं लेकिन पुलिस समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं कर रही। भारतीय किसान यूनियन भानु के पदाधिकारियों ने भी थाना पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। संगठन का कहना है कि पहले ही कुछ पुलिसकर्मियों की कार्यशैली को लेकर पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन भेजा गया था, लेकिन उस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।लोगों का कहना है कि अगर शिकायतों को गंभीरता से लिया गया होता तो शायद इतनी बड़ी घटना को रोका जा सकता था। अब पूरे क्षेत्र की निगाहें पुलिस प्रशासन पर टिकी हैं कि आखिर आरोपियों की गिरफ्तारी कब तक होती है और दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।
बिलसंडा के वमरौली तिराहे पर एक व्यक्ति को गोली लगने की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना पर स्थानीय पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची तथा घायल व्यक्ति को उपचार हेतु अस्पताल भेजा गया। जहां से उन्हें हायर सेंटर रेफर किया गया। उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
घटना के अनावरण एवं अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु 05 टीमों का गठन किया गया है। आसपास के सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। शीघ्र ही अभियुक्तों को गिरफ्तार कर घटना का सफल अनावरण किया जाएगा।”
सुकीर्ति माधव -पुलिस अधीक्षक पीलीभीत।

