पीलीभीत। विश्व हिन्दू परिषद और बजरंग दल ने जनपद सहित प्रदेशभर में संचालित जिम सेंटरों, कैफे और नृत्य अकादमियों को लेकर शासन और प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। संगठन की ओर से जारी विस्तृत प्रेस विज्ञप्ति में आरोप लगाया गया है कि कुछ स्थान युवतियों को कथित रूप से प्रेमजाल में फंसाने, मानसिक उत्पीड़न, शारीरिक शोषण और ब्लैकमेलिंग जैसी घटनाओं के केंद्र बनते जा रहे हैं।
संगठन ने कहा कि नगरों और कस्बों में कई ऐसे कैफे संचालित हो रहे हैं, जहां अलग-अलग केबिन बनाकर संदिग्ध गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रेस विज्ञप्ति में दावा किया गया कि इन स्थानों के माध्यम से तथाकथित “लव जिहाद” जैसी घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे सामाजिक वातावरण प्रभावित हो रहा है। संगठन ने प्रशासन से ऐसे कैफे की जांच कर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
प्रेस विज्ञप्ति में व्यायामशालाओं को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। संगठन का कहना है कि कई जिम सेंटरों में कार्यरत प्रशिक्षक हिन्दू युवतियों से मेलजोल बढ़ाकर उन्हें अपने प्रभाव में लेने का प्रयास करते हैं और बाद में उनका कथित शोषण किया जाता है। संगठन ने कहा कि कई मामलों में युवतियों को मानसिक दबाव, ब्लैकमेलिंग और यौन उत्पीड़न जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
इसी क्रम में संगठन ने हाल ही में बरेली में सामने आए एक चर्चित प्रकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि एक महिला ने व्यायामशाला प्रशिक्षक पर गंभीर आरोप लगाए थे। संगठन का दावा है कि मामले की जानकारी पहले भी प्रशासन को दी गई थी, लेकिन समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। बाद में पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया।
विश्व हिन्दू परिषद और बजरंग दल ने मांग की है कि प्रदेश के विभिन्न जनपदों में संचालित व्यायामशालाओं की विशेष जांच कराई जाए। साथ ही महिलाओं और युवतियों को प्रशिक्षण देने के लिए महिला अथवा हिन्दू प्रशिक्षकों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
संगठन ने प्रशासन से केबिन वाले कैफे बंद कराने, अवैध हुक्का बारों पर कार्रवाई करने, नृत्य अकादमियों की निगरानी बढ़ाने और युवतियों की सुरक्षा को लेकर विशेष दिशा-निर्देश जारी करने की मांग भी की है।
प्रेस विज्ञप्ति में संगठन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की तो व्यापक स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। संगठन ने कहा कि भविष्य में होने वाले विरोध प्रदर्शन और जनआंदोलन की पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
इस प्रेस विज्ञप्ति के सामने आने के बाद जनपद में व्यायामशालाओं, कैफे और नृत्य अकादमियों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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