प्रतापगढ़। जिले में अपर जिलाधिकारी (वि0ध्रा0) आदित्य प्रजापति ने सोमवार को बढ़ती गर्मी और हीट वेव को देखते हुए आमजन के लिए एडवाइजरी जारी की गई है। एडीएम ने लोगों से सतर्क रहने, अधिक पानी पीने तथा दोपहर के समय तेज धूप में बाहर निकलने से बचने की अपील की है। उन्होेने बताया है कि शरीर में पानी और नमक की कमी होने पर लू लगने का खतरा बढ़ जाता है। विशेष रूप से बुजुर्ग, बच्चे, गर्भवती महिलाएं, मधुमेह एवं हृदय रोग से पीड़ित लोग अधिक सावधानी बरतें। उन्होने बताया कि तेज बुखार, चक्कर आना, सिरदर्द, अत्यधिक कमजोरी, उल्टी, तेज धड़कन और पसीना बंद होना लू के प्रमुख लक्षण हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर प्रभावित व्यक्ति को तुरंत छायादार स्थान पर ले जाकर पानी पिलाएं तथा आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सकीय सहायता लें।
एडवाइजरी में उन्होने बताया है कि प्रचार माध्यमों पर हीट वेवध्लू की चेतावनी पर विशेष ध्यान दें, विशेष रूप से गरम हवा के स्थिति जानने के लिये रेडियो सुने, टी०वी देखे, समाचार पत्र पर स्थानीय मौसम पूर्वानुमान की जानकारी लेते रहें। अधिक से अधिक पानी पियें, यदि प्यास न लगा हो, तो भी पानी पिये ताकि शरीर में पानी की कमी से होने वाली बीमारियों से बचा जा सकें। हल्कें रंग के पसीना शोशित करने वाले हल्के वस्त्र पहनें। धूप में गमछे, चश्में, छाता, टोपी व पैरों में चप्पल का उपयोग अवश्य करें। अगर आप खुले में कार्य करतें हैं तो सिर, चेहरा, हाथ-पैरों को गीले कपड़े से ढ़के रहें तथा छाते का प्रयोग करें। लू से प्रभावित व्यक्ति को छाये में लिटाकर सूती गीले कपडे से पोछे अथवा नहलायें तथा चिकित्सक से सम्पर्क करें। यात्रा करते समय पीने का पानी अवश्य साथ रख लें, गीले कपड़े को अपने चेहरे, सिर और गर्दन पर रखें। शराब, चाय, कॉफी जैसे पेय पदार्थों का इस्तमाल न करे, यह शरीर को निर्जलित कर सकते है। ओ०आर०एस० घोल घर में बने हुये पेय पदार्थ जैसे लस्सी, चावल का पानी (माड), नीबू पानी, छाछ, कच्चे आम से बना पन्ना आदि का उपयोग करें, जिससे कि शरीर में पानी की कमी की भरपाई हो सकें। अगर आपकी तबीयत ठीक न लगे, तो गर्मी से उत्पन्न हाने वाले विकारों, बीमारियों को पहचाने और किसी भी प्रकार की तकलीफ होने पर तुरन्त चिकित्सकीय परामर्श लें। अपने घर को ठण्डा रखें, पर्दे, दरवाजे आदि का उपयोग करें तथा शाम ध्रात के समय घर तथा कमरों को ठण्डा करने हेतु इसे खोल कर रखें (अपनी सुरक्षा का विशेष ध्यान रखते हुए)। पंखे, गीले कपड़ों का उपयोग करें। कार्य स्थल पर ठण्डे पीने का पानी रखें और उसका नियमित उपयोग करते रहें। कर्मियों को सीधी सूर्य की रोशनी में जाने से बचने हेतु सावधान करें। श्रमसाध्य कार्यों को ठण्डे समय में करनेध्कराने का प्रयास करें। घर से बाहर होने की स्थिति में आराम करने की समयावधि तथा आवृत्ति को बढ़ायें। गर्भवती महिला कर्मियों तथा रोगग्रस्त कर्मियों पर अतिरिक्त एवं विशेष ध्यान रखें। इसके अलावा प्रशासन ने दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच अनावश्यक रूप से धूप में बाहर न निकलने, बच्चों एवं पालतू जानवरों को बंद वाहनों में न छोड़ने तथा नशीले पदार्थों और अत्यधिक गर्म एवं भारी भोजन से बचने की अपील की है।

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