राज ठाकरे को कोर्ट से मिल गई बड़ी राहत, रेलवे भर्ती परीक्षा में मारपीट मामले में हुए बरी
May 22, 2026
ठाणे की एक अदालत ने साल 2008 में कल्याण रेलवे स्टेशन पर रेलवे भर्ती बोर्ड की परीक्षा के दौरान हुई मारपीट के मामले में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे समेत छह आरोपियों को बरी कर दिया है। अदालत ने सबूतों के अभाव में सभी आरोपियों को राहत दी। यह फैसला ठाणे जिला एवं सत्र न्यायालय के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ए.वी. कुलकर्णी ने गुरुवार को सुनाया। इस मामले में कुल आठ लोगों को आरोपी बनाया गया था, लेकिन सुनवाई के दौरान दो आरोपियों की मौत हो चुकी है।
मामला वर्ष 2008 का है, जब रेलवे भर्ती बोर्ड की परीक्षा देने के लिए दूसरे राज्यों से बड़ी संख्या में परीक्षार्थी कल्याण रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। उसी दौरान कुछ उम्मीदवारों के साथ मारपीट की घटना सामने आई थी। उस समय मनसे ने स्थानीय युवाओं को नौकरियों में प्राथमिकता देने की मांग को लेकर आंदोलन किया था और रेलवे भर्ती प्रक्रिया में बाहरी राज्यों, खासकर बिहार के युवाओं को अधिक मौका दिए जाने का आरोप लगाया था।
इस मामले की सुनवाई पहले कल्याण अदालत में चल रही थी, जिसे बाद में ठाणे कोर्ट में स्थानांतरित कर दिया गया। इससे पहले 6 मई को हुई सुनवाई में राज ठाकरे अदालत में पेश हुए थे। उन्होंने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज करते हुए पूरे मामले को झूठा बताया था। वहीं, अब कोर्ट ने इस मामले में उन्हें बरी भी कर दिया है।
बचाव पक्ष की ओर से दलील दी गई थी कि आरोपपत्र और मौखिक साक्ष्य दोनों में ही परीक्षार्थियों पर कथित हमले के समय राज ठाकरे की मौजूदगी साबित नहीं हुई। कोर्ट के इस फैसले को लेकर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के मुंबई के प्रमुख संदीप देशपांडे ने कहा- "हमें खुशी है कि कोर्ट द्वारा राज ठाकरे को बरी कर दिया गया है। उन्हें झूठा फंसाया गया था। ऐसा इसलिए क्योंकि घटना के समय वह वहां मौजूद ही नहीं थे।''

