गौरीगंज: बिना मान्यता दो विद्यालयों पर फिर हुई कार्रवाई
May 18, 2026
गौरीगंज/अमेठी। शासन के निर्देशों के क्रम में विकास खंड गौरीगंज क्षेत्र में बिना मान्यता संचालित शिक्षण संस्थानों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए खंड शिक्षा अधिकारी गौरीगंज अर्जुन सिंह एवं नायब तहसीलदार गौरीगंज अनुश्री त्रिपाठी द्वारा संयुक्त रूप से दो शिक्षण संस्थानों का स्थलीय निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान दोनों संस्थान बिना मान्यता संचालित पाए जाने पर उन्हें बंद कराते हुए कक्षा-कक्षों में ताला लगवा दिया गया। खंड शिक्षा अधिकारी अर्जुन सिंह ने बताया कि जी०पी०एल० पब्लिक स्कूल, धारूपुर, विकास खंड गौरीगंज की जांच के दौरान विद्यालय बिना मान्यता संचालित पाया गया। विद्यालय के प्रधानाध्यापक जगदीश प्रसाद ने बताया कि विद्यालय में यूकेजी से कक्षा 08 तक कुल 59 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। जांच के दौरान ग्राम पूरे सरनाम, असुरा के कुल 08 छात्र-छात्राएं उपस्थित पाए गए। बच्चों के शैक्षिक हित को देखते हुए संबंधित विद्यार्थियों का आयु संगत कक्षाओं में नामांकन सुनिश्चित कराने के लिए प्राथमिक विद्यालय असुरा एवं कंपोजिट विद्यालय धारूपुर के प्रधानाध्यापकों को निर्देशित किया गया। विद्यालय बंद कराते समय प्रशांत कुमार त्रिपाठी, प्रधानाध्यापक प्राथमिक विद्यालय असुरा एवं रविकांत त्रिपाठी, इंचार्ज प्रधानाध्यापक कंपोजिट विद्यालय धारूपुर मौजूद रहे। विद्यालय संचालक को भविष्य में बिना मान्यता विद्यालय संचालन न करने के निर्देश दिए गए। इसी क्रम में मदरसा सैय्यदना इमाम हसन, इस्लाम नगर, असुरा का भी निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान मदरसा बिना मान्यता संचालित पाया गया। मदरसा में एलकेजी से कक्षा 09 तक कुल 183 छात्र-छात्राएं उपस्थित मिलीं। मदरसा के प्रधानाध्यापक मो० अन्सार द्वारा बताया गया कि संस्था का पंजीकरण रजिस्ट्रार कार्यालय में है, लेकिन मदरसा की मान्यता अभी प्राप्त नहीं हुई है। विद्यार्थियों की शिक्षा प्रभावित न हो, इसके लिए बच्चों का नामांकन आयु संगत कक्षाओं में प्राथमिक विद्यालय असुरा एवं कंपोजिट विद्यालय धारूपुर में कराने हेतु निर्देश दिए गए। खंड शिक्षा अधिकारी गौरीगंज ने बताया कि जांच के उपरांत दोनों अमान्य संस्थानों के कक्षा-कक्षों में ताला लगवाकर उन्हें बंद करा दिया गया है। साथ ही संबंधित संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि भविष्य में बिना मान्यता किसी भी विद्यालय अथवा मदरसे का संचालन न किया जाए।
