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पीलीभीतः बिना मान्यता के चल रहा था मदरसा, प्रशासन ने जड़ा ताला! “बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ या सिस्टम की बड़ी लापरवाही? अवैध मदरसे पर प्रशासन का बड़ा शिकंजा”


पीलीभीत। जनपद के पूरनपुर तहसील क्षेत्र में बिना मान्यता और सरकारी अनुमति के संचालित किए जा रहे एक मदरसे पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उसे सील कर दिया। इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। प्रशासनिक जांच में मदरसे के संचालन में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आने के बाद पुलिस ने मदरसा संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।मामला पूरनपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम सिमरिया ताल्लुके महाराजपुर का है, जहां खातून बेगम एजुकेशनल ट्रस्ट के नाम से एक मदरसा संचालित किया जा रहा था। शिकायत मिलने के बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सुरेश कुमार मौर्य ने एसडीएम अजीत प्रताप सिंह और सीओ प्रतीक दहिया के साथ संयुक्त रूप से औचक निरीक्षण किया। प्रशासनिक टीम जब मौके पर पहुंची तो वहां 30 से 40 बच्चों के पढ़ाई करने की जानकारी मिली।जांच के दौरान मदरसा संचालक मोहल्ला साहूकारा लाइनपार निवासी हाफिज मोहम्मद तस्लीम खां उर्फ तस्लीम खान बरकती से मान्यता, पंजीकरण और संचालन संबंधी दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वह कोई वैध अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर सके। अधिकारियों ने इसे नियमों का गंभीर उल्लंघन मानते हुए तत्काल प्रभाव से मदरसे को सील कर दिया।

प्रशासनिक रिपोर्ट के अनुसार मदरसा जिस भवन में संचालित किया जा रहा था, वह निर्माणाधीन अवस्था में था और वहां सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही थी। ऐसे में छोटे बच्चों की जान को खतरा पैदा हो सकता था। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि बिना अनुमति निर्माण कर अवैध रूप से संस्था संचालित की जा रही थी।

इस पूरे मामले में पुलिस ने दरोगा वरुण राणा की ओर से दी गई शिकायत पर  मदरसा संचालक हाफिज मोहम्मद तस्लीम खां के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस रिपोर्ट में कहा गया है कि संचालक द्वारा बिना किसी वैध अनुमति के मदरसे का संचालन किया जा रहा था, जिससे शासन के नियमों का खुला उल्लंघन हो रहा था।

जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सुरेश कुमार मौर्य ने बताया कि शासन स्तर से मिले निर्देशों के तहत जिलेभर में ऐसे संस्थानों की जांच की जा रही है जो बिना मान्यता या अनुमति के संचालित हो रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शिक्षा और धार्मिक संस्थानों के नाम पर किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नियमों के विपरीत संचालन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते शिकायत पर कार्रवाई न होती तो बिना सुरक्षा और बिना अनुमति संचालित यह संस्थान किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता था। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की गहराई से जांच कर रहा है और जिलेभर में ऐसे अन्य संस्थानों की भी सूची तैयार की जा रही है।

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