पीलीभीत। टनकपुर से बरेली जाने वाली डेमू पैसेंजर ट्रेन संख्या 75302 में सफर के दौरान शुरू हुआ मामूली विवाद न्यूरिया रेलवे स्टेशन के बाहर खूनी संघर्ष में बदल गया। ट्रेन में चढ़ने और धक्का लगने को लेकर हुई कहासुनी ने ऐसा हिंसक रूप ले लिया कि दबंगों ने एक ही परिवार के कई लोगों को बेल्टों, लात-घूसों और थप्पड़ों से बेरहमी से पीट डाला। हमले में महिलाओं को भी नहीं छोड़ा गया। घटना के बाद स्टेशन परिसर और आसपास अफरा-तफरी मच गई। घायल परिवार ने पुलिस से कार्रवाई की गुहार लगाई, जिसके बाद पुलिस ने दो नामजद समेत पांच अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।जानकारी के अनुसार क्षेत्र के गांव पंडरी निवासी बिलासो देवी अपने बेटे युगेंद्र, बहू नूती, बेटी आरती और रिश्तेदार सावित्री देवी के साथ टनकपुर में आयोजित झंडी यात्रा से वापस लौट रही थीं। बुधवार को सभी लोग घर लौटने के लिए टनकपुर स्टेशन से डेमू पैसेंजर ट्रेन में सवार हुए थे। आरोप है कि ट्रेन में चढ़ते समय भारी भीड़ के बीच एक युवक ने जानबूझकर युगेंद्र को जोरदार धक्का दे दिया, जिससे वह प्लेटफार्म पर गिर पड़ा। अचानक हुए इस घटनाक्रम से परिवार घबरा गया और युगेंद्र ने जब युवक के इस व्यवहार का विरोध किया तो आरोपी भड़क उठा।प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ट्रेन में सफर के दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस होती रही। आरोप है कि आरोपी युवक लगातार मोबाइल फोन पर किसी से बातचीत करता रहा और रास्ते में “देख लेने” की धमकी देता रहा। परिवार ने इसे सामान्य विवाद समझकर नजरअंदाज कर दिया, लेकिन उन्हें अंदाजा नहीं था कि स्टेशन के बाहर उनके साथ हिंसक हमला होने वाला है।
शाम को जैसे ही ट्रेन न्यूरिया रेलवे स्टेशन पर पहुंची और परिवार स्टेशन से बाहर निकलने लगा, तभी पहले से घात लगाए खड़े चार-पांच युवकों ने अचानक युगेंद्र को घेर लिया। आरोप है कि हमलावरों ने बेल्ट निकालकर उसकी बेरहमी से पिटाई शुरू कर दी। बेटे को बचाने के लिए जब बहू नूती और बेटी आरती बीच-बचाव करने पहुंचीं तो दबंगों ने महिलाओं पर भी हमला बोल दिया। लात-घूसों और बेल्टों से की गई मारपीट में कई लोग घायल हो गए। चीख-पुकार सुनकर स्टेशन परिसर में भगदड़ जैसे हालात बन गए।
घटना के बाद घायल परिवार किसी तरह जान बचाकर वहां से निकला और पुलिस को सूचना दी। पीड़िता बिलासो देवी की तहरीर पर पुलिस ने दो नामजद आरोपियों समेत पांच अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और स्टेशन परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि सभी हमलावरों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जा सके।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर आए दिन बढ़ रही गुंडागर्दी यात्रियों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही है। महिलाओं और परिवारों के साथ खुलेआम मारपीट की घटनाओं से लोगों में भय और आक्रोश का माहौल है। यात्रियों ने रेलवे प्रशासन और पुलिस से स्टेशन परिसरों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने तथा असामाजिक तत्वों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है।

