आगरा। बढ़ती गर्मी के बीच नदी, तालाब, पोखर और घाटों पर डूबने की घटनाओं को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट हो गया है। जिलाधिकारी मनीष बंसल ने जन-सुरक्षा अपील जारी करते हुए अभिभावकों से बच्चों को जलाशयों में स्नान करने से रोकने की अपील की है।
डीएम ने कहा कि मई-जून की भीषण गर्मी में बच्चे और किशोर राहत पाने के लिए नदी, तालाब, पोखर व घाटों पर स्नान करने चले जाते हैं, जहां डूबने से कई दर्दनाक हादसे हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ऐसी घटनाओं में कई परिवारों ने अपने बच्चों को खोया है, इसलिए सावधानी बेहद जरूरी है।
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, आगरा की ओर से जारी अपील में लोगों से खतरनाक घाटों, तालाबों और गहरे गड्ढों के पास न जाने तथा बच्चों को भी वहां जाने से रोकने को कहा गया है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि जो लोग तैरना नहीं जानते, वे पानी में न उतरें और जरूरत पड़ने पर तुरंत सहायता लें।
डीएम ने कहा कि बच्चों को पुल, पुलिया और ऊंचे स्थानों से पानी में कूदकर स्नान करने से रोका जाए। यदि नदी किनारे जाना बहुत आवश्यक हो तो उसकी गहराई और पानी के बहाव का विशेष ध्यान रखें। नाव या स्टीमर में यात्रा करते समय लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करें तथा खराब मौसम में नाव यात्रा से बचें।
प्रशासन ने डूबने की स्थिति में प्राथमिक उपचार की जानकारी भी साझा की है। इसके अनुसार डूबे हुए व्यक्ति को पानी से निकालकर सबसे पहले उसके मुंह और नाक की जांच करें। सांस और नब्ज न मिलने पर मुंह से सांस देने और छाती पर दबाव देने की प्रक्रिया तुरंत शुरू करें तथा बाद में पीड़ित को नजदीकी अस्पताल या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाएं।
जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि गांव और मोहल्लों में डूबने की घटनाओं पर चर्चा कर जागरूकता बढ़ाएं ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।

