प्रॉपर्टी विवाद में रिवॉल्वर तानने वाले बिल्डर को दिल्ली हाईकोर्ट से झटका
May 11, 2026
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक बिल्डर को बड़ा झटका देते हुए उसके खिलाफ दर्ज आर्म्स एक्ट की FIR रद्द करने से साफ इनकार कर दिया. कोर्ट ने कहा कि भीड़भाड़ वाली जगह पर रिवॉल्वर दिखाकर धमकाना और हवा में फायरिंग करना कोई निजी झगड़ा नहीं बल्कि समाज के लिए गंभीर खतरा है. ऐसे मामलों को सिर्फ समझौते के आधार पर खत्म नहीं किया जा सकता. मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस गिरीश कठपालिया ने कहा कि बंदूक के दम पर कानून हाथ में लेने वालों को राहत देना गलत संदेश देगा और इससे ऐसे बेखौफ कानून तोड़ने वाले लोगों का हौसला बढ़ेगा.
दिल्ली हाई कोर्ट में दाखिल याचिका के आधार पर FIR के मुताबिक आरोपी बिल्डर का शिकायतकर्ता के पिता से प्रॉपर्टी विवाद चल रहा था. वहीं आरोप है कि इसी विवाद के दौरान आरोपी ने रिवॉल्वर तान जान से मारने की धमकी दी और लोगों में डर फैलाने के लिए हवा में गोली चला दी. इसके बाद वह मौके से फरार हो गया.
दिल्ली हाई कोर्ट में आरोपी की ओर से कोर्ट में दलील दी गई कि शिकायतकर्ता को कोई शारीरिक नुकसान नहीं पहुंचा और दोनों पक्ष अब आपसी समझौता कर चुके हैं इसलिए केस खत्म कर दिया जाए. लेकिन दिल्ली पुलिस ने इसका विरोध करते हुए कहा कि आर्म्स एक्ट के मामले सिर्फ दो लोगों के बीच का विवाद नहीं होते बल्कि उनका असर पूरे समाज पर पड़ता हैकोर्ट ने भी पुलिस की दलील से सहमति जताई और कहा कि सार्वजनिक जगह पर फायरिंग करना बेहद गंभीर अपराध है
दिल्ली हाई कोर्ट ने साफ कहा कि केवल समझौता हो जाने से ऐसे मामलों में कोर्ट अपनी विशेष शक्तियों का इस्तेमाल नहीं कर सकती. हाईकोर्ट ने याचिका को पूरी तरह बेबुनियाद बताते हुए खारिज कर दिया और आरोपी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगायाकोर्ट ने आदेश दिया कि यह रकम एक हफ्ते के भीतर दिल्ली हाईकोर्ट लीगल सर्विसेज कमेटी में जमा कराई जाए.

