पीलीभीत। नगर पंचायत नौगवां पकड़िया की अध्यक्ष के पति संतोष सिंह संधू ने सोशल मीडिया पर अभद्र भाषा, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी मिलने के मामले में बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पुलिस प्रशासन, किसान संगठनों और मंडी सचिव पर गंभीर आरोपों की झड़ी लगा दी। मामले ने जिले की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचा दी है।संधू ने आरोप लगाया कि एक युवक द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से लगातार अभद्र टिप्पणी, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकियां दी जा रही थीं। शिकायत के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार तो कर लिया, लेकिन कार्रवाई में देरी और नरमी बरतने का आरोप भी सामने आया है। संधू का कहना है कि पुलिस ने शुरुआत में मामले को गंभीरता से नहीं लिया और लगभग तीन घंटे तक शिकायत को टालती रही।प्रेस वार्ता के दौरान संतोष सिंह संधू ने कहा कि आरोपी को अपराधी की तरह नहीं बल्कि “मेहमान” की तरह थाने बुलाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी निजी वाहन से थाने पहुंचा और बाद में आसानी से जमानत भी करा ली, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि यह पूरा घटनाक्रम कहीं न कहीं मिलीभगत की ओर इशारा करता है।
संधू ने कहा कि उन्हें सोशल मीडिया पर खुलेआम धमकियां दी गईं, लेकिन पुलिस ने तत्काल सख्त कदम नहीं उठाए। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो आगे बड़ा कदम उठाया जाएगा और तमाम सबूत सार्वजनिक किए जाएंगे।
मामले को और तूल तब मिला जब प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने मंडी सचिव पर भी गंभीर आरोप लगाए। संधू ने दावा किया कि मंडी परिसर में अवैध वसूली का खेल चल रहा है और गरीब मजदूरों व व्यापारियों से जबरन पैसे वसूले जाते हैं। उन्होंने कहा कि “मंडी में जो वसूली हो रही है, उसमें कहीं न कहीं मंडी सचिव भी जिम्मेदार हैं।” इस बयान के बाद मंडी प्रशासन में खलबली मच गई है।
इतना ही नहीं, संधू ने कुछ किसान संगठनों पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ किसान यूनियनों में आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को शामिल किया जा रहा है और संगठन किसानों की आवाज उठाने के बजाय दबाव और वसूली की राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने यहां तक कह दिया कि कुछ किसान यूनियन अब “हिस्ट्रीशीटर यूनियन” बन चुकी हैं। इस बयान के बाद किसान संगठनों और स्थानीय राजनीति में विवाद गहराने की संभावना जताई जा रही है।
प्रेस वार्ता में मौजूद समर्थकों ने भी पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए और निष्पक्ष जांच की मांग की। वहीं, दूसरी ओर अब तक पुलिस प्रशासन, मंडी सचिव अथवा किसान संगठनों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
घटना के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है। सोशल मीडिया पर भी यह मामला तेजी से वायरल हो रहा है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर धमकी देने वालों पर सख्त कार्रवाई कब होगी और मंडी में वसूली के आरोपों की निष्पक्ष जांच कौन करेगा।
फिलहाल पुलिस आरोपी युवक से पूछताछ में जुटी हुई है। वहीं संतोष सिंह संधू के आरोपों ने जिले की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है। आने वाले दिनों में यह मामला और अधिक तूल पकड़ सकता है।

