शादी की तैयारियों के बीच घर खाली करने का नोटिस! लोगों ने सरकार से लगाई गुहार
May 08, 2026
दिल्ली के यमुना बाजार इलाके में इन दिनों लोगों के बीच डर और चिंता का माहौल है. यमुना किनारे बसे इस इलाके में रहने वाले पंडा-पुजारी, नाविक और दूसरे परिवारों को सरकार की तरफ से घर खाली करने का नोटिस दिया गया है. 5 मई को जारी हुए इस नोटिस में लोगों से 15 दिनों के भीतर मकान खाली करने को कहा गया है.
इस कार्रवाई के बाद यहां रहने वाले परिवार खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं. सबसे ज्यादा दर्द उस परिवार में देखा जा रहा है जहां 10 मई को बेटी की शादी होनी है. शादी की तैयारियों में जुटा परिवार अब घर बचाने की चिंता में डूब गया है. परिवार का कहना है कि शादी की खुशियां अचानक गम में बदल गई हैं.
स्थानीय लोगों का कहना है कि वे पिछले कई दशकों से यहीं रह रहे हैं. कुछ लोग पूजा-पाठ कर परिवार चला रहे हैं तो कुछ नाव चलाकर या मुंडन संस्कार कर अपनी रोजी-रोटी कमा रहे हैं. लोगों का कहना है कि अचानक से घर खाली करने का आदेश देना ठीक नहीं है.
एक स्थानीय निवासी ने कहा, “हमारी कई पीढ़ियां यहां रही हैं. 15 दिनों में हम कहां जाएंगे? यही हमारा घर है, यही हमारा काम है और यही हमारी जिंदगी है.”
इलाके के लोगों का कहना है कि अगर सरकार उन्हें हटाना चाहती है तो पहले रहने की दूसरी व्यवस्था करनी चाहिए. लोगों ने मांग की है कि सरकार उन्हें सिर छुपाने के लिए छत दे, उसके बाद ही यहां से हटाने की बात करे.
लोगों का कहना है कि वे इस मामले को लेकर एलजी और सरकार से बातचीत कर रहे हैं. अगर उन्हें न्याय नहीं मिला तो वे अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे.
दरअसल, यमुना किनारे बसे इस इलाके में हर साल बाढ़ का खतरा बना रहता है. जैसे ही यमुना का जलस्तर बढ़ता है, सबसे पहले इन्हीं घरों में पानी भरता है. इसी वजह से सरकार इस इलाके को खाली कराना चाहती है ताकि बाढ़ के दौरान किसी तरह की जनहानि न हो.
पिछले साल 2025 में हथनी कुंड बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद इस इलाके में करीब पांच फीट तक पानी भर गया था. उस समय लोगों को अपने घर छोड़कर राहत कैंपों में रहना पड़ा था. उस दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी इलाके का दौरा किया था और मदद का भरोसा दिया था.
अब जिस तरह से लोगों को घर खाली करने का आदेश दिया गया है, उससे इलाके में नाराज़गी बढ़ती जा रही है. लोग खुद को बेघर होने के डर में जी रहे हैं. वहीं इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है.
