Type Here to Get Search Results !
BREAKING NEWS
ऑनलाइन भुगतान करें
Pay Now

सियासत तेज! दिल्ली नगर निगम की वार्ड समितियों और स्थायी समिति को लेकर कांग्रेस ने बीजेपी पर साधा निशाना


दिल्ली नगर निगम (MCD) में वार्ड समितियों और स्थायी समिति के चुनाव टलने को लेकर सियासत तेज हो गई है. दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी की अंदरूनी खींचतान का सीधा असर अब दिल्ली के विकास कार्यों पर दिखाई दे रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी नेतृत्व में बदलाव के चलते निगम की अहम प्रक्रियाओं को रोक दिया गया है, जिससे सफाई, निर्माण, विकास परियोजनाओं और लैंडफिल साइटों से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले करीब दो महीने तक अटक सकते हैं.

देवेंद्र यादव ने कहा कि पहले वार्ड समितियों और स्थायी समिति के चुनाव 23 मई को होने थे, लेकिन दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष बदलने के बाद इन्हें 3 जून तक बढ़ा दिया गया और अब अनिश्चितकाल के लिए रोक दिया गया है. उन्होंने इसे एमसीडी एक्ट की धारा 53(2) का सीधा उल्लंघन बताया. यादव ने सवाल उठाया कि क्या बीजेपी के अंदर नेतृत्व परिवर्तन होने की वजह से दिल्ली नगर निगम का काम रोकना उचित है.

कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि बिना चेयरमैन की सहमति के चुनाव टालने का आदेश जारी किया गया, जिससे साफ संकेत मिलता है कि निगम का संचालन अब बीजेपी का शीर्ष नेतृत्व कर रहा है. उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक परंपराओं और संवैधानिक मर्यादाओं को बनाए रखने के लिए उपराज्यपाल को हस्तक्षेप करना चाहिए.

देवेंद्र यादव ने कहा कि वर्ष 2024 की तरह इस बार भी उपराज्यपाल को नगर निगम आयुक्तों और जोनल उपायुक्तों को पीठासीन अधिकारी बनाकर वार्ड समितियों के चुनाव कराने चाहिए. उनका कहना है कि इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था कायम रहेगी और निगम का कामकाज प्रभावित नहीं होगा.

उन्होंने कहा कि अप्रैल में मेयर और डिप्टी मेयर चुनाव के बाद अचानक वार्ड समितियों और स्थायी समिति की चुनाव प्रक्रिया रोकना बीजेपी की गुटबाजी को उजागर करता है. यादव का आरोप है कि नए प्रदेश अध्यक्ष के करीबी जनप्रतिनिधियों को फायदा पहुंचाने के लिए यह पूरा घटनाक्रम रचा गया है. उन्होंने कहा कि महापौर और निगम सचिव के पास चुनाव टालने को लेकर कोई स्पष्ट जवाब नहीं है.

देवेंद्र यादव ने कहा कि बीजेपी को निगम में चेयरमैन पद की राजनीति छोड़कर दिल्ली की सफाई व्यवस्था और रखरखाव पर ध्यान देना चाहिए. उन्होंने दावा किया कि अभी तक मॉनसून से पहले नालों की सफाई और गाद निकालने की कोई तारीख तय नहीं है, जबकि हर साल पहली बारिश में ही दिल्ली की सड़कें और कॉलोनियां जलभराव की समस्या से जूझने लगती हैं.

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ने कहा कि वार्ड समितियों और स्थायी समिति का गठन लंबित रहने से निगम के नीतिगत फैसले, विकास परियोजनाएं और जनता से जुड़ी योजनाओं की मंजूरी में देरी होगी. उन्होंने कहा कि निगम आयुक्त के पास वित्तीय शक्तियां जरूर हैं, लेकिन अधिकतर विकास कार्य स्थायी समिति के चेयरमैन की मंजूरी के बिना आगे नहीं बढ़ सकते.

देवेंद्र यादव ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि दिल्ली सरकार और नगर निगम दोनों जगह सिर्फ आपसी द्वंद दिखाई दे रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी केवल घोषणाएं कर रही है, लेकिन पिछले एक साल से कोई भी बड़ी परियोजना जमीन पर नहीं उतारी गई. यादव ने कहा कि बीजेपी दिल्ली के विकास की बजाय राजनीतिक संघर्ष में उलझी हुई है और इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है.

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Design by - Blogger Templates |