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उत्तराखड: भूमिगत विद्युत परियोजनाओं पर प्रशासन का कडा रूख, पुराने कार्य पहले पूरा करें, फिर नए को मंजूरी! सुरक्षा में ढिलाई बर्दाश्त नहीं, खुदाई स्थलों पर बैरिकेडिंग और साइनबोर्ड जरूरी- डीएम


देहरादून। जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय परियोजना समन्वय समिति की बैठक आयोजित हुई, जिसमें पिटकुल और यूपीसीएल द्वारा विद्युत लाइनों को भूमिगत करने से संबंधित 13 प्रस्तावों की गहन समीक्षा की गई। बैठक में चल रहे कार्यों को निर्धारित मानकों के अनुरूप शीघ्र पूर्ण करने पर जोर दिया गया, साथ ही नए कार्य हेतु सशर्त स्वीकृति प्रदान की गई।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पूर्व अनुमति के आधार पर सड़कों पर चल रहे कार्यों को प्राथमिकता देते हुए पर्याप्त संसाधन और डबल शिफ्ट में दिन-रात कार्य कर जल्द पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि पहले से चल रहे कार्यों के पूरा होने के बाद ही नए प्रस्तावों को अनुमति दी जाएगी। जिन स्थानों पर कार्य पूर्ण हो चुका है, वहां थर्ड पार्टी निरीक्षण के बाद लोक निर्माण विभाग के साथ संयुक्त सर्वे कर सड़कों का पुनः ब्लैकटॉप सुनिश्चित किया जाए।

यूपीसीएल के लॉट-1 के अंतर्गत पांच कार्य प्रस्तावित हैं, जिनमें से तीन कार्य प्रगति पर हैं। इनमें रायपुर कर्जन रोड (सुशील टॉवर से एमडीडीए कॉलोनी), कैनाल रोड (लोटस तिराहा से साकेत कॉलोनी) तथा मॉडर्न कॉलोनी से धर्मपुर चैक-आराघर सबस्टेशन-लक्ष्मी चैक तक केबल भूमिगत करने का कार्य शामिल है। वहीं, मॉडर्न कॉलोनी से परेड ग्राउंड तथा परेड ग्राउंड सब स्टेशन से रायपुर रोड कैनाल ब्रिज तक दो नए कार्य प्रस्तावित किए गए हैं।

लॉट-2 के अंतर्गत भी पांच कार्य प्रस्तावित हैं। कांवली रोड (ऊर्जा भवन से सहारनपुर चैक) और सहारनपुर रोड (रेलवे स्टेशन से भंडारी बाग) तक के कार्य प्रगति पर हैं। जबकि इंजीनियर एन्क्लेव से निरंजनपुर मंडी, बल्लूपुर चैक से सनर्जी हॉस्पिटल तथा यमुना कॉलोनी से ओएनजीसी चैक तक नए कार्य प्रस्तावित किए गए हैं।

लॉट-3 के अंतर्गत तीन नए प्रस्ताव रखे गए, जिनमें बद्रीपुर रोड (जोगीवाला चैक से ट्यूलिप फार्म) तक केबल भूमिगत करने के प्रस्ताव को सशर्त स्वीकृति दी गई। वहीं तकनीकी आख्या प्रस्तुत न होने के कारण पिटकुल के प्रस्तावों पर चर्चा नहीं हो सकी।

जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि अनुमति से अधिक रोड कटिंग, खुदाई अधूरी छोड़ने या सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर प्रशासन जब्ती और मुकदमा दर्ज करने से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने निर्देश दिए कि रात्रि में की गई खुदाई का गड्ढा सुबह तक भरना अनिवार्य होगा। साथ ही खुदाई स्थलों पर बैरिकेडिंग और साइनबोर्ड लगाना अनिवार्य किया गया है। डीएम ने सभी एजेंसियों को पर्याप्त मैनपावर और मशीनरी लगाकर कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्यों में देरी या अव्यवस्था के कारण यदि आमजन को परेशानी हुई, तो संबंधित विभागों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने सुरक्षा, बैरिकेडिंग और साइट सुपरविजन में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

बैठक में एसडीएम कुमकुम जोशी, लोनिवि के अधीक्षण अभियंता ओमपाल सिंह, अधीक्षण अभियंता पिटकुल विक्रम गौतम, यूपीसीएल लॉट-1 अधीक्षण अभियंता राहुल जैन, यूपीसीएल लॉट-2 अधीक्षण अभियंता शिक्षा अग्रवाल, अधीक्षण अभियंता ईडीसी वीके सिंह, अधिशासी अभियंता कैलाश, अरूण कांत सहित समिति के अन्य सदस्य एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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