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लखनऊ: फर्जी दस्तावेजों से जीएसटी पंजीयन कराने का आरोप,राज्य कर विभाग की शिकायत पर मुकदमा दर्ज


आलमबाग । राज्य कर विभाग की सहायक आयुक्त ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जीएसटी पंजीयन प्राप्त कर सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने के आरोप में एक फर्म के खिलाफ स्थानीय आशियाना थाने में केस दर्ज कराया है। आशियाना थाना प्रभारी छत्रपाल सिंह ने बताया हरसाँव इनक्लेव अपोजिट रिजर्व पुलिस लाइन, गाजियाबाद निवासी नीलम यादव के अनुसार वह वर्तमान में सहायक आयुक्त राज्य कर, खण्ड-19, लखनऊ के पद पर कार्यरत है। आरोप है कि पंजीकृत फर्म एम एस बीएनके एंटरप्राइजेज के ऑनलाइन अभिलेखों की समीक्षा के दौरान कई संदिग्ध तथ्य सामने आए। फर्म का पता रुचि खंड-2, शारदा नगर, लखनऊ दर्ज है तथा फर्म द्वारा प्लास्टिक स्क्रैप, आयरन स्क्रैप, कंस्ट्रक्शन एवं ट्रांसपोर्ट सेवाओं से संबंधित कारोबार दर्शाया गया है।  फर्म स्वामी प्रियांश सक्सेना ने 22 नवंबर 2024 को जीएसटी पंजीयन प्राप्त किया था। आवेदन में मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी तथा पंजाब नेशनल बैंक का खाता विवरण भी दर्ज कराया गया था। पंजीयन के लिए अपलोड किए गए बिजली बिल और लीज एग्रीमेंट की जांच में गड़बड़ी पाई गई। विभाग के अनुसार बिजली बिल का अकाउंट नंबर अपठनीय मिला और उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन की वेबसाइट पर उसका सत्यापन नहीं हो सका। विभागीय जांच में यह भी सामने आया कि लीज एग्रीमेंट और बिजली बिल में भवन स्वामी के नाम और पते अलग-अलग दर्ज हैं। इससे प्रथम दृष्टया यह प्रतीत हुआ कि फर्जी अथवा छद्म दस्तावेजों का इस्तेमाल कर जीएसटी पंजीयन हासिल किया गया। जिसके चलते उन्होंने जीएसटी अधिनियम की विभिन्न धाराओं का उल्लेख करते हुए फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से पंजीयन प्राप्त कर इनपुट टैक्स क्रेडिट के दुरुपयोग और कर चोरी की आशंका जाहिर कर स्थानीय आशियाना थाने मे पुलिस से लिखित नामजद शिकायत की है। पुलिस के अनुसार सहायक आयुक्त राज्य कर की शिकायत पर फर्म स्वामी के खिलाफ मंगलवार को  मुकदमा दर्ज कर विधिक कारवाई की जा रही है।

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