लंभुआ/सुल्तानपुर। भारतीय किसान यूनियन आजाद हिंद द्वारा 1 जून को सीएम आवास लखनऊ के लिए किए गए घेराव के ऐलान से प्रशासन में हलचल मच गई। पूर्व में लंबित जन समस्याओं को लेकर एसडीएम लंभुआ प्रीति जैन ने शनिवार को लंभुआ ब्लॉक परिसर में किसानों की बैठक बुलाई।
बैठक में उपजिलाधिकारी ने किसानों की समस्याएं सुनने के बाद उन्हें निस्तारित करने का आश्वासन दिया। लेकिन एसडीएम के आश्वासन को किसानों ने सिरे से खारिज कर दिया। भाकियू आजाद हिंद के पदाधिकारियों ने बैठक का बहिष्कार करते हुए शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और 1 जून को लखनऊ जाने की घोषणा दोहराई।
यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रभात सिंह उर्फ सूरज सिंह ने कहा कि क्षेत्र में पिछले कई वर्षों से लंबित जन समस्याएं, अवैध खन और बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर कई बार अधिकारियों को अवगत कराया गया। लेकिन न तो समस्याओं का निस्तारण हुआ और न ठोस कार्रवाई दिखी। इसी नाराजगी में किसानों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि बीती दिनों रात में उनके और कुछ अन्य साथियों पर हमला हुआ। इसकी तहरीर लंभुआ थाने में दी गई, लेकिन अब तक पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इस बैठक में भी लंभुआ कोतवाल धीरज कुमार और सीओ ऋतिक कपूर नहीं पहुंचे, जिससे किसानों का गुस्सा और भड़क गया।
अब भाकियू आजाद हिंद ने साफ कर दिया है कि जब तक समस्याओं का ठोस समाधान नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा और 1 जून को सैकड़ों किसान लखनऊ कूच करेंगे।
