लखनऊ। राजधानी को गंगा-जमुनी तहजीब का शहर माना जाता है। यहां हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदाय बड़े मंगल को पूरे सम्मान और श्रद्धा के साथ मनाते है। मान्यता है कि अलीगंज स्थित हनुमान मंदिर से बड़े मंगल की परंपरा की शुरुआत हुई थी। तभी से पूरे शहर में बड़े मंगल पर भंडारों के आयोजन की परंपरा चली आ रही है और लखनऊ इसी अनोखी संस्कृति के लिए देशभर में जाना जाता है। ज्येष्ठ माह के चतुर्थ मंगलवार को एडिशनल मुख्य चिकित्साधिकारी अमिताभ श्रीवास्तव ने लालबाग स्थित डीएम कंपाउंड निकट प्रसिद्ध हरिओम मंदिर मे विशाल भण्डारे का अयोजन किया। भण्डारे की शुरुआत पहले श्रीराम के उद्घोष के साथ बजरंगबली की विधि विधान से पूजा अर्चना की गई। उसके उपरान्त विधि पूर्वक हनुमान जी की आरती संपन्न हुई तथा सभी लोगों ने भजन गाया ष् बेगि हरो हनुमान महाप्रभु जो कछु संकट होय हमारो ष्।
इस अवसर पर एसीएमओ डा.अमिताभ श्रीवास्तव ने कहा कि बड़े मंगल का विशेष धार्मिक महत्व है और इस दिन हनुमान जी की पूजा करने से संकट दूर होते हैं। डा. अमिताभ ने गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित श्रीरामचरितमानस के सुन्दरकाण्ड से चैपाई ष् कवन सो काज कठिन जग माहीं,जो नहिं होइ तात तुम्ह पाहीं ष् गा कर सुनाई वही उनकी धर्मपत्नी डा. सुनीता सरन ने कहा कि ज्येष्ठ के इस महीने में कोई भी भूखा नहीं सोएगा, यह बजरंगबली की कृपा है और हम और हमारा परिवार इसी धार्मिक रीति रिवाज को सालो से निभाते आ रहे है और आगे भविष्य मे भी ऐसे ही धार्मिक अयोजन करने की शक्ति ईश्वर हमें प्रदान करता रहे। विशाल भण्डारे मे स्वादिष्ट पूड़ी-सब्जी, बूंदी वितरित किया गया। भीषण गर्मी को देखते हुए पानी और शरबत की विशेष व्यवस्था की गई थी। सैकड़ो की तादाद मे लोगो ने तपती दोपहर मे प्रसाद ग्रहण किया और शरबत का भरपूर आनंद लिया।
वहीं श्रद्धालु लखन जो सीएमओ कार्यालय मे चतुर्थ श्रेणनी कर्मचारी पद पर तैनात है, ने बताया कि हम पिछले तीन साल से लगातार बड़े मंगल का प्रसाद ग्रहण कर रहे है। सालभर भगवान हनुमान जी के प्रसाद का इंतजार रहता है। कड़ी धूप में लाइन में लगकर प्रसाद लेना भी हमारी श्रद्धा का हिस्सा है। हम कामना करते हैं कि हनुमान जी सभी की मनोकामनाएं पूरी करे।
इस अवसर पर डा.अमिताभ के दोनो पुत्र श्रेष्ठ श्रीवास्तव,सम्पन्न श्रीवास्तव,श्री गुरुनानक गर्ल्स डिग्री कॉलेज के समस्त शिक्षक, अध्यापक,कर्मचारी एवं छात्र छात्राये सहित
मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी विशाल भण्डारे मे श्रमदान किया और श्रद्धापूर्वक प्रसाद ग्रहण किया।

