लखनऊ। लखनऊ कमिश्नरेट उत्तरी जोन के सैरपुर थाना क्षेत्र में दिव्यांग बुजुर्ग के कथित अपहरण और जमीन की जबरन रजिस्ट्री कराने के प्रयास के मामले में अधिकारियों की फटकार के बाद पुलिस ने करीब 24 घंटे बाद एफआईआर दर्ज कर ली। हालांकि मुकदमा दर्ज होने के बाद भी पुलिस किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। वहीं पीड़ित 60 वर्षीय राम सेवक ने आरोप लगाया था कि गांव के ही अमरेंद्र यादव उर्फ पप्पू बाबा अपने साथियों के साथ शनिवार दोपहर उन्हें फॉर्चूनर कार में जबरन बैठाकर ले गए थे। रास्ते भर आरोपियों ने जमीन अपने नाम कराने का दबाव बनाया और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी।
पीड़ित के शोर मचाने पर रैथा रोड स्थित धनीराम मार्केट के पास ग्रामीण सक्रिय हो गए थे। ग्रामीणों ने पीछा कर कार रुकवाई और बुजुर्ग को आरोपियों के चंगुल से छुड़ाया। आरोप है कि इस दौरान मदद करने पहुंचे लोगों के साथ भी मारपीट की गई।
घटना के बाद पीड़ित ने सैरपुर थाने में तहरीर दी थी, लेकिन तत्काल मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। मामला अधिकारियों तक पहुंचने और फटकार लगने के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। इसके बावजूद अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने पर ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि इतने गंभीर मामले में भी पुलिस की कार्रवाई धीमी बनी हुई है। लोगों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।

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