आगरा। आगरा के शाहगंज स्थित धनौली रोड पर अवैध निर्माण किये जा रहे है जानकारी के अनुसार इससे पहले भी ईदगाह बोदला के अवैध निर्माण की खबर प्रकाशित हुई लेकिन न उन खबर का आज तक संज्ञान लिया न अवैध निर्माण करने वालो पर कार्यवाही की गई, अपने ही विभाग के वीसी की आंखों में जेई, सुपरवाईजर धूल झौंकने का काम कर रहे है मानो ऐसा लग रहा है ।
शाहगंज वार्ड के जे ई अपना वार्ड सभालते ही अवैध निर्माण कराने की खुली छूट डे दी हो,अवैध निर्माण मामलो मे जिम्मेदार लोगो का ध्यान नहीं यही वजह है वंहा बिल्डर निर्माण कराने मे बाज नहीं आ रहे है केवल कार्यवाही के नाम से औपचारिकता की जा रही है बताया जा रहा है जिम्मेदार एसी मे कुर्सी और बैठकर हारियाली पर ध्यान रहता है जानकारी के अनुसार विकास प्राधिकरण की मिलीभगत से रियाइसी इलाकों में कई अवैध निर्माण हो चुके है कई आज भी निर्माण हो रहे है
रियाईसी इलाको कोमर्षीयल बिल्डिंग तैयार की जा रही है भविष्य मे कोइ आदेश आया कि रेसीडेंसल मे कोमर्षीयल गतिविधियो पर रोक लगे तो निश्चित ही 80ः शहर कि बिल्डिंग पर ताला लगने से कोइ रोक नहीं पायेगा,वार्ड शाहगंज में यह कोई पहला अवैध निर्माण नहीं है इसके आलावा ऐसे तमाम बिल्डिंग है जहां अवैध निर्माण की गतिविधिया हो रही है मामले में कार्यवाही के नाम से आश्वाशन जरूर दिया जा रहा है लेकिन सवाल आज भी बना हुआ की कार्यवाही कबताजनगरी आगरा के वार्ड शाहगंज के ईदगाह क्षेत्र में अपने ही विभाग के वीसी की आंखों में जेई धूल झौंकने का काम कर रहे एडीए जेई, शाहगंज वार्ड में अवैध निर्माण कराने में विकास प्राधिकरण अनदेखी करने में लगा है जानकारी के अनुसार विकास प्राधिकरण की मिलीभगत से रियाइसी इलाकों में अवैध निर्माण हो रहा है।
रियाईसी इलाको में बहुमंजिला इमारत बन रही है कई बड़े हादसे के वावजूद प्राधिकरण सबक नही ले रहा है और और छतलेकिन जिम्मेदार ऐसे संस्थानों पर कोइ कार्यवाही नहीं करता यही वजह की लोगो के हौसले बुलंद है चांदी की चमक के आगे मानको को हवा मे उड़ाया जा रहा हैहालांकि एडीए वीसी अरुणमोली ने अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की कमान खुद संभाल रखी है वावजूदअपने ही विभाग के वीसी की आंखों में धूल झौंकने का काम कर रहे एडीए के जेई धीरेन्द्र कुमार ,बिल्डर के साथ मिलकर जेई लगा रहे एडीए को लाखों का चूना , अवैध निर्माण होने से बिल्डरों का मनोबल बढ़ा हुआ हुआ,शिकायतकर्ताओ को नोटीस देने के नाम पर गुमराह किया जाता है कार्यवाही के नाम पर खानापूर्ति की जाती है इस और कार्यवाही होगी बड़ा सवाल बना हुआ है।

