लखनऊ। लखनऊ कमिश्नरेट के कैसरबाग पुलिस ने मुस्तैदी और त्वरित कार्रवाई का उदाहरण पेश करते हुए पिछले 24 घंटों के भीतर दो अलग-अलग मामलों में बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने एक तरफ जहां बैंक ग्राहकों की गाढ़ी कमाई पर हाथ साफ करने वाले एक शातिर पूर्व क्लर्क को दबोचा, वहीं दूसरी तरफ एक युवती को आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाले उसके लालची बॉयफ्रेंड को महज 12 घंटे के भीतर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। अपराध के दो अलग-अलग छोरों से जुड़े इन दोनों मामलों ने एक बार फिर पुलिसिया तंत्र की सक्रियता को साबित किया है। वहीं पहला मामला वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़ा है, जहां बैंक ऑफ बड़ौदा (हीवेट रोड शाखा) के एक पूर्व क्लर्कध्कैशियर गोल्डी श्रेष्ठ ने बैंक की सुरक्षा और साख को चूना लगाया। अलीगंज के रहने वाले इस अभियुक्त ने बैंक के उन खातों को निशाना बनाया जो लंबे समय से डॉरमेंट यानी निष्क्रिय पड़े थे। गोल्डी ने बेहद शातिराना तरीके से इन खातों से करीब 8.89 लाख रुपये अपने परिचितों के खातों में ट्रांसफर कर दिए। वहीं कैसरबाग पुलिस ने इस धोखाधड़ी का पर्दाफाश करते हुए आरोपी गोल्डी को केडी सिंह बाबू स्टेडियम के पास से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने कबूला कि वह भारी कर्ज में डूबा हुआ था और अपनी उधारी चुकाने तथा शॉर्टकट से अमीर बनने के लालच में उसने इस वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने उसके पास से गबन की रकम से खरीदी गई एक एक्टिवा स्कूटी और सैमसंग का मोबाइल फोन बरामद कर उसे न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कैसरबाग पुलिस ने तत्परता दिखाई और भारतीय न्याय संहिता (ठछै) की धारा 108 आत्महत्या के लिए उकसाने के तहत मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश शुरू की। पुलिस ने घेराबंदी करते हुए घटना के महज 12 घंटे के भीतर आरोपी आकाश कश्यप को राजधानी होटल के पास से धर दबोचा। सफेदपोश बैंकिंग अपराध से लेकर रिश्तों की आड़ में छिपे मानसिक उत्पीड़न तक, कैसरबाग पुलिस की इन दोनों बैक-टू-बैक कार्रवाइयों ने अपराधियों को कड़ा संदेश दिया है। पुलिस दोनों ही मामलों में आगे की विधिक कार्रवाई पूरी कर आरोपियों को सजा दिलाने की तैयारी में जुट गई है।
लखनऊः कैसरबाग पुलिस की बड़ी कामयाबी! बैंक में गबन का आरोपी और युवती का प्रताड़क बॉयफ्रेंड दबोचा
May 22, 2026
लखनऊ। लखनऊ कमिश्नरेट के कैसरबाग पुलिस ने मुस्तैदी और त्वरित कार्रवाई का उदाहरण पेश करते हुए पिछले 24 घंटों के भीतर दो अलग-अलग मामलों में बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने एक तरफ जहां बैंक ग्राहकों की गाढ़ी कमाई पर हाथ साफ करने वाले एक शातिर पूर्व क्लर्क को दबोचा, वहीं दूसरी तरफ एक युवती को आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाले उसके लालची बॉयफ्रेंड को महज 12 घंटे के भीतर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। अपराध के दो अलग-अलग छोरों से जुड़े इन दोनों मामलों ने एक बार फिर पुलिसिया तंत्र की सक्रियता को साबित किया है। वहीं पहला मामला वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़ा है, जहां बैंक ऑफ बड़ौदा (हीवेट रोड शाखा) के एक पूर्व क्लर्कध्कैशियर गोल्डी श्रेष्ठ ने बैंक की सुरक्षा और साख को चूना लगाया। अलीगंज के रहने वाले इस अभियुक्त ने बैंक के उन खातों को निशाना बनाया जो लंबे समय से डॉरमेंट यानी निष्क्रिय पड़े थे। गोल्डी ने बेहद शातिराना तरीके से इन खातों से करीब 8.89 लाख रुपये अपने परिचितों के खातों में ट्रांसफर कर दिए। वहीं कैसरबाग पुलिस ने इस धोखाधड़ी का पर्दाफाश करते हुए आरोपी गोल्डी को केडी सिंह बाबू स्टेडियम के पास से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने कबूला कि वह भारी कर्ज में डूबा हुआ था और अपनी उधारी चुकाने तथा शॉर्टकट से अमीर बनने के लालच में उसने इस वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने उसके पास से गबन की रकम से खरीदी गई एक एक्टिवा स्कूटी और सैमसंग का मोबाइल फोन बरामद कर उसे न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कैसरबाग पुलिस ने तत्परता दिखाई और भारतीय न्याय संहिता (ठछै) की धारा 108 आत्महत्या के लिए उकसाने के तहत मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश शुरू की। पुलिस ने घेराबंदी करते हुए घटना के महज 12 घंटे के भीतर आरोपी आकाश कश्यप को राजधानी होटल के पास से धर दबोचा। सफेदपोश बैंकिंग अपराध से लेकर रिश्तों की आड़ में छिपे मानसिक उत्पीड़न तक, कैसरबाग पुलिस की इन दोनों बैक-टू-बैक कार्रवाइयों ने अपराधियों को कड़ा संदेश दिया है। पुलिस दोनों ही मामलों में आगे की विधिक कार्रवाई पूरी कर आरोपियों को सजा दिलाने की तैयारी में जुट गई है।

.jpg)