लखनऊ की मेयर पर अखिलेश यादव ने कसा तंज! कहा -"महापौर का सदा महादौर नहीं होता"
May 22, 2026
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने लखनऊ की महापौर पर हमला बोला है। अखिलेश यादव ने एक्स हैंडल पर पोस्ट किया, "महापौर का सदा महादौर नहीं होता"।.. न्याय हुआ। दरअसल लखनऊ की मेयर सुषमा खर्कवाल ने अखिलेश यादव की मां पर टिप्पणी की थी, जिस पर काफी विवाद हुआ था।
जानकारी के मुताबिक, इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने लखनऊ की मेयर सुषमा खर्कवाल के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए। हाई कोर्ट ने यह कार्रवाई अपने आदेश का पालन न करने पर की है। लखनऊ खंडपीठ ने वॉर्ड-73 फैजुल्लागंज से पूर्व पार्षद प्रदीप कुमार शुक्ला का निर्वाचन रद्द होने के बाद सत्र न्यायालय/चुनाव न्यायाधिकरण ने 19 दिसंबर 2025 को ललित किशोर तिवारी को निर्वाचित पार्षद घोषित किया था। निर्वाचित पार्षद ललित किशोर तिवारी को लगभग 5 महीने तक शपथ नहीं दिलाई गई। मामला हाई कोर्ट पहुंचा। शपथ दिलाने का निर्देश जारी हुआ। मगर अनुपालन नहीं हुआ। पार्षद की ओर से सीनियर एडवोकेट गौरव मेहरोत्रा ने बहस की।
इससे पहले समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बुधवार को भाजपा सरकार पर संवैधानिक आरक्षण प्रणाली को कमजोर करने का आरोप लगाया। सपा प्रमुख ने यह भी दावा किया कि साल 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के बाद किसी एक राजनीतिक दल की नहीं बल्कि 'पीडीए' की सरकार बनेगी। अखिलेश यादव ने यहां पार्टी मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कथित 'आरक्षण की लूट' से संबंधित 'पीडीए ऑडिट' नामक एक दस्तावेज जारी किया और कहा कि रिपोर्ट को अधिक डेटा और तथ्यों के साथ अपडेट किया जाता रहेगा। उन्होंने कहा, ''पीडीए ऑडिट और आरक्षण की लूट पर इस दस्तावेज में सुधार जारी रहेगा और इसमें अधिक डेटा शामिल किया जाएगा।
सपा अध्यक्ष ने आरक्षण को सामाजिक न्याय और समानता का जरिया बताया। उन्होंने कहा कि आरक्षण सुरक्षा है। सरकार की बुलडोजर कार्रवाई का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने कहा, ''अगर सरकार बुलडोजर चलाना चाहती है, तो उन्हें असमानता की असमान जमीन को समतल करने और सभी को उनका उचित आरक्षण प्रदान करने के लिए उसका उपयोग करना चाहिए।

