- निःशुल्क भोजन के साथ शरबत सेवा, बृज की रसोई बनी सहारा
- सैकड़ों लोगों को मिला भोजन, गर्मी में शरबत बना सहारा
- गर्मी में राहत की मिसाल, भोजन के साथ शीतल सेवा
- एक निवाला, एक मुस्कान, बृज की रसोई का सेवा संकल्प
लखनऊ। समाज सेवा के क्षेत्र में सतत सक्रिय, प्रेरणास्रोत बाबा नीम करौली जी की कृपा से इण्डियन हेल्पलाइन सोसाइटी (पंजीकृत) द्वारा संचालित बृज की रसोई के अंतर्गत रविवार को आशियाना, लखनऊ में निःशुल्क भोजन वितरण कार्यक्रम सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। ज्येष्ठ माह की तीव्र गर्मी को दृष्टिगत रखते हुए इस अवसर पर भोजन के साथ शीतल शरबत सेवा का भी प्रावधान किया गया।
ए. पी. आचार्य ने बताया कार्यक्रम का शुभारंभ अपराह्न 02 बजे हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में निर्धन, असहाय एवं जरूरतमंद व्यक्तियों ने सहभागिता की।
जालिम सिंह ने कहा इस दौरान सैकड़ों लोगों को स्वच्छ एवं पौष्टिक भोजन सम्मानपूर्वक वितरित किया गया तथा बढ़ती गर्मी से राहत हेतु शरबत भी उपलब्ध कराया गया। सी. एच. तिवारी ने अवगत कराया संस्था के स्वयंसेवकों ने निष्ठा, अनुशासन एवं सेवा भाव के साथ कार्य करते हुए कार्यक्रम को सुव्यवस्थित एवं गरिमामय वातावरण में सम्पन्न कराया।
कार्यक्रम के संबंध में संजय श्रीवास्तव ने बताया कि यह सेवा प्रत्येक रविवार को नियमित रूप से आयोजित की जाती है, जिसका उद्देश्य वंचित वर्ग तक सम्मानपूर्वक भोजन उपलब्ध कराना है। अनुराग दुबे ने कहा कि निरंतर बढ़ती सहभागिता इस पहल की उपयोगिता को दर्शाती है, वहीं आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि भोजन की गुणवत्ता एवं स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाता है।
संस्था के संस्थापक विपिन शर्मा ने कहा कि बृज की रसोई केवल भोजन वितरण तक सीमित नहीं, बल्कि सेवा, दान एवं सहयोग की भावना को सशक्त करने का एक सतत प्रयास है, जिसके माध्यम से समाज के सक्षम वर्ग को जरूरतमंदों की सहायता हेतु प्रेरित किया जाता है।
गीता प्रजापति ने बताया इस सेवा कार्य में सी.एच. तिवारी, ए. पी. आचार्य, जालिम सिंह, संजय श्रीवास्तव, विकास पाण्डेय, बलवंत सिंह, अनुराग दुबे, आशीष श्रीवास्तव, अनिल सिंह सहित अनेक स्वयंसेवकों की सक्रिय सहभागिता रही।
बलवंत सिंह ने बताया संस्था ने अंत में संदेश दिया कि एक निवाला किसी की मुस्कान बन सकता है, अतः सभी नागरिकों से इस सेवा अभियान से जुड़कर समाज के कमजोर वर्ग के जीवन में सकारात्मक योगदान देने का अनुरोध किया गया।
