जब राहुल गांधी से मीटिंग के बाद विजय ने खारिज की थीं अफवाहें
May 10, 2026
तमिल सिनेमा और राजनीति में अगस्त 2009 में एक सवाल काफी चर्चा में था कि क्या अभिनेता विजय कांग्रेस पार्टी में शामिल होने वाले हैं. उस समय विजय मक्कल इयक्कम की पुडुचेरी में हुई एक बैठक के बाद उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हो गई थीं. इसके अगले ही दिन विजय दिल्ली पहुंचे और कांग्रेस के तत्कालीन महासचिव राहुल गांधी से मुलाकात की. बताया गया कि यह बैठक करीब एक घंटे तक चली. उस समय ऐसी खबरें भी सामने आईं कि राहुल गांधी ने विजय को तमिलनाडु यूथ कांग्रेस का अध्यक्ष बनने का प्रस्ताव दिया था.
इस मुलाकात के बाद तमिलनाडु की राजनीति में हलचल मच गई. हालांकि विजय ने जल्द ही इन सभी अटकलों पर विराम लगा दिया. उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ कहा कि वह फिलहाल केवल फिल्मों पर ध्यान दे रहे हैं. विजय ने कहा, “राहुल गांधी से मुलाकात सिर्फ शिष्टाचार भेंट थी. मैंने राजनीति या किसी पार्टी में शामिल होने को लेकर कोई बातचीत नहीं की. अभी मेरा राजनीति में आने का कोई प्लान नहीं है. मेरी पहली प्राथमिकता एक्टिंग है.
कई सालों तक विजय ने राजनीति से दूरी बनाए रखी, लेकिन उनकी फिल्मों में सामाजिक और राजनीतिक मुद्दे लगातार दिखाई देते रहे. थलाइवा, मर्सल, सरकार और मास्टर जैसी फिल्मों में उन्होंने भ्रष्टाचार, शिक्षा, राजनीति और सामाजिक समस्याओं से जुड़े संदेश दिए. इससे उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर चर्चाएं लगातार बनी रहीं. आखिरकार 2 फरवरी 2024 को विजय ने अपनी राजनीतिक पार्टी “तमिलगा वेत्री कड़गम” यानी TVK की शुरुआत कर राजनीति में आधिकारिक एंट्री कर ली. उन्होंने यह भी घोषणा की कि वह धीरे-धीरे फिल्मों से दूरी बनाकर पूरी तरह राजनीति पर ध्यान देंगे. विजय ने बताया कि उनकी फिल्म जन नायकगन उनके फिल्मी करियर की आखिरी फिल्म होगी.
एच विनोथ के निर्देशन में बनी जन नायकगन एक पॉलिटिकल एक्शन ड्रामा फिल्म है. इस फिल्म में विजय के साथ पूजा हेगड़े और बॉबी देओल भी नजर आएंगे. फिल्म के नाम का मतलब लोगों का नेता है. इसी वजह से लोगों ने फिल्म और विजय की असली राजनीतिक यात्रा के बीच समानताएं जोड़नी शुरू कर दीं. फिल्म में राजनीति, समाज और एक्शन का मिश्रण दिखाया गया है. पहले यह फिल्म 9 जनवरी 2026 को पोंगल के मौके पर रिलीज होने वाली थी, लेकिन बाद में इसकी रिलीज टाल दी गई. रिपोर्ट्स के अनुसार फिल्म के राजनीतिक कंटेंट और विधानसभा चुनाव से पहले विजय की बढ़ती राजनीतिक सक्रियता के कारण सेंसर बोर्ड की जांच लंबी चली, जिसकी वजह से देरी हुई. इसके बाद 4 मई 2026 को तमिलनाडु विधानसभा चुनाव हुए और नतीजों ने राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव ला दिया. विजय की पार्टी TVK ने 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में जगह बनाई. इसके साथ ही तमिलनाडु में द्रविड़ पार्टियों का करीब 59 साल पुराना दबदबा खत्म हो गया.
विजय ने खुद पेरम्बूर और तिरुचिरापल्ली ईस्ट सीट से चुनाव लड़ा और दोनों जगह जीत हासिल की. हालांकि उनकी पार्टी बहुमत के लिए जरूरी 118 सीटों से 10 सीट पीछे रह गई. इससे राज्य में त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति बन गई. चुनाव में हार के बाद मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने 5 मई को इस्तीफा दे दिया. इसके बाद विजय तमिलनाडु के 9वें और पहले गैर-द्रविड़ मुख्यमंत्री बन गए हैं.
