जन सेवा दल अखंड भारत के प्रथम चक्रवर्ती सम्राट महापद्म नंद जी के गौरवमयी और लोक-कल्याणकारी सिद्धांतों से प्रेरित है। जिस प्रकार सम्राट महापद्म नंद जी ने बिना किसी भेदभाव के समाज के अंतिम पायदान पर खड़े हर गरीब और शोषित व्यक्ति के उत्थान के लिए कार्य किया था, ठीक उसी संकल्प के साथ जन सेवा दल सर्वसमाज को अधिकार और सम्मान दिलाने के लिए कटिबद्ध है।
1. रोज़गार, श्रम एवं कर्मचारी कल्याण
- संविदा सफाई कर्मचारी: सभी संविदा सफाई कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से सरकारी (स्थाई) कर्मचारी घोषित किया जाएगा।
- शिक्षा मित्र: लंबे समय से संघर्षरत शिक्षा मित्रों की समस्याओं का समाधान कर उन्हें स्थाई पद पर समायोजित किया जाएगा।
- आंगनबाड़ी कार्यकर्ता: आंगनबाड़ी का नाम बदलकर उन्हें 'महिला एवं बाल विकास कर्मचारी' का दर्जा और अधिकार दिए जाएंगे।
- रोजगार गारंटी: हर परिवार के लिए 'एक परिवार, एक नौकरी' का नियम। नौकरी न मिलने तक बेरोजगार युवाओं को 10,000 मासिक भत्ता/मानदेय अनिवार्य (कम्पल्सरी)।
- 2. सामाजिक न्याय एवं प्रशासनिक सुधार:
समान हिस्सेदारी: सभी जातियों एवं धर्मों को उनकी जनसंख्या के सटीक अनुपात में शासन और प्रशासन में हिस्सेदारी।
समान अधिकार: धन, धरती, शिक्षा और सामाजिक सम्मान में बराबर का हिस्सा। जातिगत अपमान से पूर्ण मुक्ति।
विकेंद्रीकृत नेतृत्व: प्रशासनिक भागीदारी बढ़ाने के लिए दो साल की अवधि के लिए पाँच उप-मुख्यमंत्री (डिप्टी सीएम) नियुक्त होंगे।
स्थानीय तैनाती: चतुर्थ एवं तृतीय श्रेणी के कर्मचारियों की तैनाती उनके गृह जिले में ही होगी।
शिक्षकों को सहूलियत: महिला और पुरुष शिक्षकों को बड़ी राहत देते हुए उनके स्वयं के ब्लॉक में ही तैनाती दी जाएगी।
3. शिक्षा, स्वास्थ्य एवं मूलभूत सुविधाएं:
मुफ्त शिक्षा व चिकित्सा: उच्च शिक्षा और बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं राज्य के प्रत्येक नागरिक के लिए पूरी तरह फ्री (मुफ्त) होंगी।
गरीबों को पक्का आवास: हर बेघर और गरीब परिवार को रहने के लिए सरकारी खर्च पर 3 रूम (कमरों) का पक्का आवास।
भूमिहीनों को राहत: प्रत्येक भूमिहीन परिवार को कृषि के लिए जमीन उपलब्ध कराकर 5 बीघा का पट्टा दिया जाएगा।
वीआईपी संस्कृति पर रोक: जिला स्तर पर सरकारी फिजूलखर्ची रोकने के लिए डीएम (DM) और एसपी (SP) के आवासों का क्षेत्रफल अधिकतम दो बीघा तक सीमित रहेगा।
4. सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं पत्रकार कल्याण:
कन्यादान सहायता: गरीब परिवारों की बेटियों की शादी के लिए सरकार की तरफ से ₹1,00,000 (एक लाख रुपये) की सहायता राशि।
अनिवार्य सामाजिक सुरक्षा: किसी भी नागरिक की आकस्मिक मृत्यु होने पर परिवार को संबल देने के लिए 2,00,000 (दो लाख रुपये) की अनिवार्य सहायता राशि।
पत्रकार कल्याण: 5 वर्ष का कार्य अनुभव रखने वाले सभी पत्रकारों को सम्मानजनक ₹10,000 प्रति माह मानदेय।
5, महिलाओं यानी आधी आबादी को जन सेवा दल से जातिगत जन संख्या अनुपात में आधे टिकट एवं समस्त सरकारी पदों पर भी जन संख्या अनुपात में जिला मंडल तहसील ब्लाक थानों में पोस्टिंग यानी प्रत्येक क्षेत्र में सरकारी गैर सरकारी संगठनों में जन संख्या अनुपात में हिस्सेदारी
6-- ग्रामीण क्षेत्रों बेरोजगारों को डेरी उद्योग
नोट - यह अंतिम निर्णय नही इसमें घटाया तो नहीं जा सकता बढ़ाया जा सकता है
जारी कर्ता विनेश ठाकुर कर्पूरी राष्ट्रीय अध्यक्ष जन सेवा दल एवं सम्पादक विधान केसरी लखनऊ

