पहले खाते देता था किराए पर, फिर बना साइबर सरगना, APK फाइल से बैंक खाली करने वाला गिरफ्तार
May 11, 2026
दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने एक ऐसे शातिर साइबर अपराधी को दबोचा है, जिसका सफर किराए पर बैंक खाते देने से शुरू होकर एक खूंखार साइबर गैंग के सरगना तक पहुंच गया. यह ठग मोबाइल फोन में खतरनाक APK फाइल इंस्टॉल करवाकर लोगों के बैंक खाते मिनटों में खाली कर देता था.
पुलिस ने बिहार के छपरा निवासी 23 वर्षीय आरोपी विकास कुमार गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है और उसके पास से एक मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किया है.
इस पूरे रैकेट का भंडाफोड़ तब हुआ जब एक डिलीवरी एग्जीक्यूटिव ने NCRP पोर्टल पर ठगी की शिकायत दर्ज कराई. पीड़ित ने बताया कि उसके मोबाइल में अचानक एक संदिग्ध ऐप (APK) इंस्टॉल हो गया था और कुछ ही देर बाद उसके बैंक खाते से 2.48 लाख रुपये गायब हो गए. शिकायत मिलने पर साइबर थाना नॉर्थ ने तुरंत केस दर्ज कर मामले की तकनीकी जांच शुरू की.
पुलिस ने जब ठगी गई रकम की ट्रेल और बैंक खातों की डिटेल खंगाली, तो पता चला कि 2 लाख रुपये बिहार के उत्कर्ष बैंक के एक खाते में ट्रांसफर हुए हैं. यह बैंक खाता विकास कुमार के नाम पर था. इसके बाद दिल्ली पुलिस की एक टीम तुरंत छपरा (बिहार) पहुंची, लेकिन आरोपी वहां से फरार मिला और उसके परिवार ने भी पुलिस का कोई सहयोग नहीं किया. इसके बाद दिल्ली पुलिस ने लगातार तकनीकी सर्विलांस और ट्रैकिंग की मदद से आरोपी विकास को आखिरकार दिल्ली से ही धर दबोचा.
पुलिस पूछताछ में आरोपी विकास ने कई बड़े खुलासे किए. उसने बताया कि वह पहले दूसरे साइबर अपराधियों को कमीशन के लालच में बैंक खाते उपलब्ध कराता था. लेकिन जल्द ही ज्यादा पैसे कमाने की चाह में उसने खुद का गैंग बना लिया. वह फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए उन लोगों के संपर्क में आया, जो हैकिंग के लिए बैंक खाते और खतरनाक मालवेयर (APK) फाइलें देते थे.
इन्हीं मालवेयर के जरिए लोगों के मोबाइल हैक कर वह रकम उड़ाता था. पुलिस के दबाव में आरोपी ने पीड़ित के 2.48 लाख रुपये वापस उसके खाते में ट्रांसफर कर दिए हैं. फिलहाल पुलिस इस गैंग के अन्य फरार साथियों की सरगर्मी से तलाश कर रही है.

