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90 दिन में बदलेंगे दिल्ली के 77 सूखे जलाशय की तस्वीर, झीलों में फिर भरेगा पानी


दिल्ली में पानी संकट और जलभराव जैसी समस्याओं से राहत दिलाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. राजधानी के अलग-अलग हिस्सों में मौजूद 77 सूखे और उपेक्षित जलाशयों को अगले 90 दिनों के भीतर दोबारा जीवित करने की तैयारी शुरू हो गई है. दिल्ली विकास प्राधिकरण ने इसके लिए चरणबद्ध योजना बनाई है, जिसकी निगरानी खुद उपराज्यपाल (LG) तरनजीत सिंह संधू कर रहे हैं. उन्होंने शनिवार (9 मई) को बताया कि दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) राजधानी में 77 जल निकायों के कायाकल्प और जीर्णोद्धार का काम चरणबद्ध तरीके से शुरू करेगा.

DDA ने रिवाइवल अभियान को तीन चरणों में बांटा है. पहले चरण में 6 जलाशयों को एक महीने के भीतर पुनर्जीवित करने का लक्ष्य रखा गया है. इसके बाद 48 जलाशयों पर 60 दिनों में काम पूरा किया जाएगा, जबकि बाकी 23 जलाशयों को 90 दिनों के भीतर तैयार करने की योजना बनाई गई है.

उपराज्यपाल संधू ने इस पूरी परियोजना की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि तय समय सीमा के भीतर काम हर हाल में पूरा होना चाहिए. बैठक के दौरान डीडीए ने जलाशयों के पुनर्जीवन से जुड़ी विस्तृत प्रस्तुति भी दी. डीडीए अधिकारियों के मुताबिक शुरुआत उन झीलों और जलाशयों से होगी जो पूरी तरह सूख चुके हैं. इन स्थानों पर बड़े पैमाने पर खुदाई, गाद हटाने और आसपास के कैचमेंट एरिया की सफाई की जाएगी ताकि मॉनसून के दौरान अधिक से अधिक वर्षा जल संग्रहित किया जा सके.

इसके बाद दूसरे चरण में जलाशयों के किनारों को मजबूत करने, हरियाली बढ़ाने, फेंसिंग लगाने और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने जैसे कार्य किए जाएंगे. इससे जल स्रोतों को लंबे समय तक सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी

अधिकारियों का मानना है कि यदि यह योजना मानसून आने से पहले पूरी हो जाती है तो दिल्ली के कई इलाकों में हर साल होने वाली जलभराव की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है. बारिश का पानी सीधे सीवर लाइनों में जाने के बजाय इन जलाशयों में जमा होगा, जिससे ड्रेनेज सिस्टम पर दबाव भी घटेगा. दिल्ली में आमतौर पर जून के आखिर तक मॉनसून दस्तक देता है. ऐसे में डीडीए तेजी से काम पूरा करने की कोशिश में जुटा हुआ है.

पहले चरण में जिन जलाशयों को पुनर्जीवित किया जाएगा उनमें सुल्तानपुर डबास, रानीखेड़ा, मदनपुर डबास, बांकनेर के दो जलाशय और मामूरपुर का जलाशय शामिल हैं. इन इलाकों में लंबे समय से सूखे पड़े जल स्रोत अब दोबारा पानी से भरते दिखाई दे सकते हैं. दिल्ली में सामान्य तौर पर जून के अंत तक मानसून दस्तक देता है. उससे पहले रिवाइवल का कार्य पूरा हो जाता है या आधा भी पूरा होता है तो इस बार दिल्ली में जलभारव की समस्या ले लोगों को काफी राहत मिल सकती है.

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