बलिया। जनपद में समाज कल्याण योजनाओं को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। बुधवार को विकास भवन सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी पेंशन योजनाओं का ग्राम पंचायत स्तर पर सत्यापन कर अपात्र एवं मृत लाभार्थियों के नाम तत्काल हटाए जाएं, जबकि पात्र लोगों को योजनाओं से जोड़ा जाए। योजनाओं की प्रगति धीमी मिलने और बैठक में कर्मचारियों की अनुपस्थिति पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई।
बैठक में समाज कल्याण, दिव्यांगजन सशक्तिकरण, अल्पसंख्यक कल्याण, पिछड़ा वर्ग कल्याण तथा प्रोबेशन एवं महिला कल्याण विभाग की योजनाओं की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि पेंशन योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र व्यक्तियों तक पहुंचना चाहिए। इसके लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में सत्यापन अभियान चलाया जाए और उसकी दैनिक प्रगति रिपोर्ट प्रशासन को उपलब्ध कराई जाए।
बैठक के दौरान समाज कल्याण विभाग के प्रधान लिपिक संजय राय, कनिष्ठ लिपिक विकास पाठक समेत सात कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। इस पर डीएम ने नाराजगी व्यक्त करते हुए सभी अनुपस्थित कर्मचारियों का एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए। साथ ही योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट सही ढंग से प्रस्तुत न कर पाने पर जिला समाज कल्याण अधिकारी को कठोर चेतावनी जारी करने के निर्देश भी दिए गए।
अभ्युदय योजना की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने नए सत्र में अधिक से अधिक आवेदन प्राप्त करने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा। वहीं कन्या सुमंगला योजना में अपेक्षाकृत कम लाभार्थी पाए जाने पर भी उन्होंने नाराजगी जताई और अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन ब्लॉकों एवं ग्राम पंचायतों से आवेदन नहीं आए हैं, वहां विशेष अभियान चलाकर पात्र परिवारों को योजना से जोड़ा जाए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ओजस्वी राज, जिला प्रोबेशन अधिकारी डॉ. अमरेंद्र कुमार पौत्स्यायन समेत संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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