आगरा। सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज में पहली बार सफल हार्ट बायपास सर्जरी कर चिकित्सा क्षेत्र में नया इतिहास रचा गया है। 172 वर्ष पुराने मेडिकल कॉलेज में इस उपलब्धि के बाद अब आगरा मंडल के हजारों हृदय रोगियों को इलाज के लिए दिल्ली और जयपुर नहीं जाना पड़ेगा।
मेडिकल कॉलेज के कार्डियोथोरेसिक वैस्कुलर सर्जन डॉ. सुशील सिंघल और उनकी टीम ने अप्रैल माह में हाई रिस्क मरीज की सफल बाईपास सर्जरी की। खास बात यह रही कि ऑपरेशन के मात्र 72 घंटे बाद मरीज को सुरक्षित रूप से घर भेज दिया गया, जबकि सामान्यतः इस तरह की सर्जरी के बाद मरीज को 5 से 7 दिन तक अस्पताल में रखा जाता है।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर उत्तर प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने मेडिकल कॉलेज पहुंचकर चिकित्सकों और ऑपरेशन थिएटर टीम का सम्मान किया। उन्होंने कहा कि एसएन मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशलिटी सुविधाएं शुरू होने से आगरा, फिरोजाबाद, मथुरा, मैनपुरी, हाथरस और अलीगढ़ सहित आसपास के जिलों के लाखों मरीजों को लाभ मिलेगा।
मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूरदर्शी सोच के कारण यह सुविधा संभव हो सकी है। उन्होंने एसएन मेडिकल कॉलेज को “मिनी एम्स” के रूप में विकसित करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया।
वरिष्ठ सर्जन डॉ. सुशील सिंघल ने बताया कि मरीज को 10 अप्रैल को भर्ती किया गया था तथा 13 अप्रैल की रात “ऑफ पंप कोरोनरी आर्टरी बायपास ग्राफ्टिंग” तकनीक से सफल ऑपरेशन किया गया। मरीज का उपचार असाध्य रोग निधि योजना के अंतर्गत कराया गया।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने इसे संस्थान के इतिहास की बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन को सफल बनाने में डॉक्टरों, एनेस्थीसिया टीम, नर्सिंग स्टाफ और तकनीकी कर्मचारियों का विशेष योगदान रहा।
सम्मान समारोह में भाजपा व्यापारी नेता टी.एन. अग्रवाल, मंडल अध्यक्ष देवेश पचैरी, पार्षद मीनाक्षी वर्मा, बद्री प्रसाद माहौर, अनुराग चतुर्वेदी सहित कई जनप्रतिनिधि एवं चिकित्सक मौजूद रहे।

