हाथरास। जनपद की सासनी कोतवाली पुलिस, महिला थाना और एसओजी की संयुक्त टीम ने एक ऐसे शातिर भगोड़े आरोपी को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है, जिसे कानूनी कार्रवाई से बचाने के लिए उसकी खुद की मां ने कागजों में श्मृतकश् घोषित करवा दिया था। विगत 5 वर्षों से दहेज उत्पीड़न और तीन तलाक के मामले में फरार चल रहे इस आरोपी को पुलिस ने सर्विलांस की मदद से खुर्जा सिटी स्टेशन से धर दबोचा। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की इस बड़ी कामयाबी की चर्चा पूरे जिले में है।
प्राप्त विवरण के अनुसार, वर्ष 2021 में थाना सासनी क्षेत्र के आशानगर निवासी सोनू खां पुत्र बहादुर खां के खिलाफ उसकी पत्नी ने महिला थाने में गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। पीड़िता का आरोप था कि 21 अगस्त 2021 को उसके पति सोनू, सास और ससुर ने उसके साथ बेरहमी से मारपीट की और श्तीन तलाकश् बोलकर घर से निकाल दिया। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोपी सोनू खां के खिलाफ माननीय न्यायालय में चार्जशीट (आरोप पत्र) दाखिल कर दी थी।
केस दर्ज होने के बाद से ही आरोपी सोनू खां लगातार फरार चल रहा था और कोर्ट के समन पर भी हाजिर नहीं हो रहा था, जिसके बाद अदालत ने उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट (छठॅ) जारी कर दिया। बेटे को जेल जाने से बचाने के लिए उसकी मां रसीदन ने एक खौफनाक साजिश रची। उसने न्यायालय में वाद दायर कर और आईजीआरएस (प्ळत्ै) पोर्टल के माध्यम से शिकायत कर पुलिस को गुमराह करना शुरू किया कि उसकी पुत्रवधू ने ही उसके बेटे सोनू की हत्या कर दी है और लाश को गायब कर दिया है।
मामला तब पेचीदा हो गया जब पुलिस एक श्मृतश् मान लिए गए व्यक्ति की तलाश कर रही थी। पुलिस अधीक्षक (ैच्) चिरंजीव नाथ सिन्हा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए क्षेत्राधिकारी नगर के नेतृत्व में सासनी पुलिस, महिला थाना और सर्विलांसध्ैव्ळ टीम को संयुक्त रूप से काम पर लगाया।
सर्विलांस सेल की तकनीकी मदद और जमीनी स्तर पर सुरागरसी से पुलिस को भनक लगी कि सोनू खां जिंदा है और पहचान छिपाकर खुर्जा की एक निजी कंपनी में नौकरी कर रहा है। वह पिछले 5 साल से अपने गांव या रिश्तेदारों से पूरी तरह दूरी बनाए हुए था। मंगलवार को सटीक मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी कर संयुक्त टीम ने उसे खुर्जा सिटी स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया।

