बलिया/बेंगलुरु। विश्व प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु एवं मानवतावादी शांति दूत श्री श्री रविशंकर के नेतृत्व में स्थापित आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन अपनी स्थापना के 45 वर्ष पूर्ण होने तथा श्री श्री रविशंकर के 70वें जन्मवर्ष के उपलक्ष्य में पूरे मई माह बेंगलुरु आश्रम में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन कर रहा है। कार्यक्रम को लेकर बलिया जनपद में भी तैयारी शुरू कर दी गई है।
तमिलनाडु के पापनासम में 13 मई 1956 को जन्मे श्री श्री रविशंकर ने वर्ष 1981 में आर्ट ऑफ लिविंग संस्था की स्थापना की थी। संस्था का मूल उद्देश्य आध्यात्मिक चेतना के माध्यम से तनावमुक्त और दिव्य समाज का निर्माण करना था। चार दशक से अधिक समय में यह संस्था विश्व के 182 देशों तक पहुंच चुकी है और लाखों लोग सुदर्शन क्रिया, योग, प्राणायाम एवं ध्यान के माध्यम से स्वस्थ और सकारात्मक जीवनशैली अपना रहे हैं।
बेंगलुरु आश्रम में आयोजित इस विशेष समारोह में देश के अनेक प्रमुख राजनेता, उद्योगपति और धर्मगुरु शामिल हो रहे हैं। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री छंतमदकतं डवकप सहित कई केंद्रीय मंत्री पहले ही सहभागिता कर चुके हैं। बुधवार को आयोजित कार्यक्रम में छ. ब्ींदकतंइंइन छंपकन, च्तंउवक ैंूंदज तथा टपरंल ज्ञनउंत ैपदीं विशेष रूप से उपस्थित रहे।
आर्ट ऑफ लिविंग संस्था केवल योग और ध्यान तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन, शांति स्थापना, सामाजिक सेवा, आपदा राहत, पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तिकरण तथा कैदियों के पुनर्वास जैसे अनेक क्षेत्रों में भी सक्रिय भूमिका निभा रही है।
इसी क्रम में 20 से 24 मई तक बेंगलुरु आश्रम में उत्तर प्रदेश के साधकों के लिए विशेष महोत्सव आयोजित किया गया है, जिसमें प्रदेशभर से लगभग 1200 लोग भाग ले रहे हैं। बलिया से भी बड़ी संख्या में साधक कार्यक्रम में शामिल हुए हैं।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के पूर्व वन मंत्री राजधारी सिंह आश्रम के विशेष अतिथि के रूप में 20 से 22 मई तक प्रवास करेंगे। बलिया से डॉ. अमिता सिंह, निधि अग्रवाल, रतन जी, पुष्पांजलि सिंह, धीरज सर्राफ एवं डॉ. डी. राय सहित कई लोग कार्यक्रम में सहभागिता कर रहे हैं।

