जनगणना ड्यूटी से इनकार करना पड़ा भारी, 3 शिक्षकों के खिलाफ मामला दर्ज
May 30, 2026
महाराष्ट्र के पुणे जिले के दौंड तालुका में राष्ट्रीय जनगणना 2027 के लिए नियुक्त 3 शिक्षकों के खिलाफ सरकारी ड्यूटी से कथित तौर पर इनकार करने और अनुपस्थित रहने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है। यवत पुलिस थाने में यह शिकायत परगांव के सर्कल अधिकारी श्रीकृष्ण बाबासाहेब शिरसाट ने दर्ज कराई है। आरोपियों की पहचान रामदास साहेबराव बारवकर, सुवर्णा कानिफनाथ खलाडकर और सीमा सुभाष साबले के रूप में हुई है।
रामदास बारवकर जिला परिषद प्राथमिक विद्यालय, तुलेवस्ती में शिक्षक हैं, जबकि सुवर्णा खलाडकर और सीमा साबले जिला परिषद प्राथमिक विद्यालय, गलांडवाड़ी में कार्यरत हैं। शिकायत के मुताबिक, तीनों शिक्षकों को राष्ट्रीय जनगणना 2027 के महत्वपूर्ण कार्य के लिए गलांडवाड़ी क्षेत्र में प्रगणक या एन्यूमरेटर के रूप में कानूनी रूप से नियुक्त किया गया था। इसके बावजूद उन्होंने कथित तौर पर जानबूझकर सरकारी कार्य करने से इनकार कर दिया और ड्यूटी पर उपस्थित नहीं हुए।
अधिकारियों के मुताबिक, शिक्षकों को व्हाट्सएप संदेशों के माध्यम से कई बार सूचना और याद दिलाई गई थी, लेकिन उन्होंने सरकारी आदेशों का पालन नहीं किया और जनगणना कार्य में शामिल नहीं हुए। प्रशासन ने इसे गंभीर लापरवाही और कर्तव्यहीनता माना है। शिकायत के आधार पर यवत पुलिस ने तीनों शिक्षकों के खिलाफ BNS की धारा 223(ए) तथा जनगणना अधिनियम, 1948 की धारा 11(1) और 11(2) के तहत मामला दर्ज किया है और जांच कर रही है।
इसी बीच पुणे शहर में राष्ट्रीय जनगणना 2027 का कार्य कर रही एक महिला कर्मचारी और सर्वेक्षण टीम के सदस्यों के साथ कथित मारपीट और दुर्व्यवहार का मामला भी सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, यह घटना स्वारगेट थाना क्षेत्र स्थित मीनाताई ठाकरे कॉलोनी में हुई। मामले में 5 नामजद आरोपियों और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, लोक सेवकों पर हमला करने और महिला कर्मचारी की मर्यादा भंग करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
शिकायतकर्ता पिछले 17 वर्षों से पुणे नगर निगम में कार्यरत हैं और वर्तमान में राष्ट्रीय जनगणना 2027 के लिए प्रगणक के रूप में नियुक्त थीं। 27 मई को वह जनगणना संबंधी जानकारी एकत्र करने के लिए मीनाताई ठाकरे कॉलोनी की गली नंबर 14 स्थित विकास नवनाथ मोरे के घर पहुंची थीं। आरोप है कि परिवार के सदस्यों ने जानकारी देने से इनकार कर दिया और सरकारी कार्य में बाधा डाली। महिला कर्मचारी ने यह भी आरोप लगाया कि विवाद के दौरान उनके और एक अन्य प्रगणक के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया तथा उन्हें अपमानित किया गया।

