लखनऊः रेस्पिरेशन जागरूकता 2026 को लेकर प्रेस वार्ता संपन्न
May 11, 2026
लखनऊ। लखनऊ में प्रोफेसर डॉ. शिव सागर गुप्ता ने अपनी संस्था सागर हेल्थ केयर फाउंडेशन, स्वच्छ श्वास को बचाना जिसका उद्देश्य है के अंतर्गत आगामी रेस्पिरेशन 2026 को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस किया। डॉ. शिव सागर जिन्हें चिकित्सा जगत में कई वर्षों का अनुभव है जो एम डी,एवं एफ सी सी पी है यू एस ए से ने बताया कि आगामी होने वाला हमारा कार्यक्रम जिसका विषय सी एम ई आन रिसेंट ट्रेंड्स इन पलमुनरी, क्रिटिकल केयर एंड स्लीप मेडिसिन है जिसका उद्देश्य चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों ज्ञानवर्धक,वैज्ञानिक विचार विमर्श तथा आधुनिक निदान एवं उपचार पद्धतियों की जानकारी प्रदान करने हेतु एक उत्कृष्ट मंच उपलब्ध कराना है,जिसमें चिकित्सा जगत से देश विदेश के जाने में डॉक्टर्स जैसे प्रोफेसर डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद,डॉक्टर सूर्य कांत त्रिपाठी,डॉक्टर खुशबू पिलानिया,प्रोफेसर डॉक्टर ऋचा गुप्ता,प्रोफेसर डॉक्टर रणदीप गुलेरिया,प्रोफेसर डॉक्टर अरविंद कुमार,डॉक्टर रणंजय चंद्रा,डॉक्टर जे के सैनी,डॉक्टर बी पी सिंह,डॉक्टर मनोज गोयल,डॉक्टर ए के सिंह,डॉक्टर सुमित राय,डॉक्टर आशीष टंडन, डॉक्टर के बी गुप्ता,डॉक्टर संजय सिंघल अपनी उपस्थिति दर्ज करेंगे और इस विषय पर अपने अपने वक्तव्य रखेंगे, आज की कॉन्फ्रेंस में प्रोफेसर राजेंद्र प्रसाद जिन्हें डॉक्टर बी सी राष्ट्रीय पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया है एवं जो पूर्व में पलमुनरी विभाग के अध्यक्ष भी रहे, मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे उन्होंने इस विषय पर अपनी बात रखते हुए बताया कि आगामी होने वाले प्रोग्राम में भारत एवं विश्व के अनुभवी डॉक्टर्स रेस्पिरेटरी से जुड़ी नई नई बीमारियों पर अपने वक्तव्य एवं समाधान प्रस्तुत करेंगे जिससे लाखों व्यक्ति लाभान्वित होंगे, डॉक्टर एम गुप्ता सेक्रेटरी सागर फाउंडेशन ने बताया कि लोगों को श्वास के रोगों की उचित जानकारी होना इसके विषय में जागरूकता होना एवं उचित खर्च या कम से कम खर्च पर कैसे लोगो को सुविधा उपलब्ध हो हमने यही सोचकर सागर फाउंडेशन की स्थापना की है, वहीं डॉक्टर शिव सागर ने बताया कि मरीज से बात करके,कुछ साधारण टेस्ट करके हम सत्तर से अस्सी प्रतिशत तक सही बीमारी को कैसे डायग्नोज कर सकते हैं और मरीज का एक बहुत बड़ा अमाउंट कैसे बचा सकते हैं इन्हीं सब बातों तो लेकर हमने ये आगामी पल्मोनरी दो हजार छब्बीस कार्यक्रम रखा है ।
