हाथरस। जिले में रसोई गैस की किल्लत और गैस एजेंसियों पर कालाबाजारी के आरोपों ने आम उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ा दी है। उपभोक्ताओं का कहना है कि नियमित बुकिंग कराने के बावजूद समय पर घरेलू गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं, जिसके चलते लोगों के घरों के चूल्हे ठंडे पड़े हैं। मजबूर होकर उपभोक्ताओं को ब्लैक में महंगे दामों पर सिलेंडर खरीदना पड़ रहा है।आरोप है कि गैस एजेंसी संचालकों द्वारा खुलेआम कालाबाजारी की जा रही है और प्रशासन इस पूरे मामले में मूकदर्शक बना हुआ है। उपभोक्ताओं का कहना है कि यदि किसी राजनेता, मीडिया कर्मी अथवा प्रशासनिक अधिकारी की सिफारिश हो तो गोदाम से आसानी से सिलेंडर मिल जाता है, लेकिन आम आदमी को घंटों लाइन में लगने के बावजूद खाली हाथ लौटना पड़ता है। लोगों का आरोप है कि गैस एजेंसियों पर निर्धारित मूल्य के बजाय ब्लैक में करीब 1500 रुपये तक में सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि जहां आम उपभोक्ताओं को गैस की भारी कमी बताई जा रही है, वहीं ब्लैक में हर समय अनलिमिटेड सिलेंडर उपलब्ध होने की चर्चा आम है। गैस एजेंसियों के बाहर रोजाना लंबी-लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। भीषण गर्मी में महिलाएं, बुजुर्ग और मजदूर वर्ग घंटों पसीना बहाकर सिलेंडर मिलने का इंतजार कर रहे हैं। इसके बावजूद अधिकांश लोगों को निराशा ही हाथ लग रही है। उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि गैस एजेंसी संचालकों को पूर्ति विभाग का संरक्षण प्राप्त है, जिसके कारण शिकायतों के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही। आम जनता का शोषण लगातार जारी है और जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई करने के बजाय मामले को नजरअंदाज कर रहे हैं।
जिले के नागरिकों ने हाथरस प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि गैस वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता लाई जाए, कालाबाजारी पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा दोषी एजेंसी संचालकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि आम उपभोक्ताओं को राहत मिल सके। फैम के जिला अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल ने कहा कि यदि शीघ्र व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो उपभोक्ताओं के हित में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

