सोनभद्र। जिले के चतरा के नौडीहा क्षेत्र में भाजपा संगठन को उस समय असहज स्थिति का सामना करना पड़ा, जब बूथ संख्या-199 के अध्यक्ष उमेश कुमार चौबे ने जिलाध्यक्ष नंदलाल गुप्ता के कथित दुर्व्यवहार से आहत होकर सोशल मीडिया के माध्यम से अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी।
उमेश कुमार चौबे ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में आरोप लगाया कि वे अपने बूथ पर एक वरिष्ठ नागरिक के निधन के कारण पार्टी के प्रशिक्षण वर्ग में थोड़ी देर से पहुंचे थे। वहां पहुंचते ही जिलाध्यक्ष नंदलाल गुप्ता ने उनसे नाम पूछा। जैसे ही उन्होंने अपना परिचय दिया, आरोप है कि जिलाध्यक्ष ने उनके साथ अमर्यादित व्यवहार करते हुए अपमानित किया और कार्यक्रम स्थल से बाहर जाने को कहा। चौबे ने इस घटना को आत्मसम्मान पर आघात बताते हुए कहा कि वे ऐसे व्यवहार से क्षुब्ध हैं और इसी कारण उन्होंने बूथ अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने का निर्णय लिया है। इस घटनाक्रम के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। अजय कुमार ने तंज कसते हुए उन्हें भीम आर्मी से जुड़ने की सलाह दी, जबकि आज़ाद पाण्डेय ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए जिलाध्यक्ष के कृत्य की निंदा की। जय श्री त्रिपाठी ने टिप्पणी की कि ऐसा व्यवहार पार्टी के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है। वहीं यादवेंद्र दत्त द्विवेदी ने संयम बरतने की सलाह देते हुए कहा कि संगठन किसी एक व्यक्ति का नहीं होता और मामले को उचित मंच पर उठाना चाहिए।
इस पूरे प्रकरण ने स्थानीय स्तर पर संगठनात्मक अनुशासन और नेतृत्व शैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब इस बात में क्या सच्चाई है। इसमे उमेश चौबे ने बताया कि पन्नूगंज में दो दिन पहले बैठक हुआ था। हालांकि विधान केसरी अभी पुष्टि नही करता है।
जिलाध्यक्ष भाजपा ने क्या कहा-
"इस मामले में जिलाध्यक्ष नंदलाल गुप्ता से फोन पर बात हुई तो उन्होंने सारे बातों को खारिज किया बोले कि पता करते हैं।
