बीसलपुर। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के प्रचार-प्रसार के अंतर्गत एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों एवं प्राध्यापकों द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया गया, जिसके बाद विषय पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम संयोजक डॉ. दरख्शॉ ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के उद्देश्य और इसके महत्व के बारे में छात्र-छात्राओं को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह अधिनियम महिलाओं को सशक्त बनाने और समाज में उनकी भागीदारी को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित एसआई सोनी राजौरी एवं कांस्टेबल प्रीति ने छात्र-छात्राओं को कानून से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। उन्होंने सरल भाषा में महिलाओं के अधिकार, सुरक्षा उपायों और कानूनी संरक्षण के बारे में विस्तार से समझाया।
महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. अलका मेहरा ने अपने संबोधन में नारी सशक्तिकरण के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि समाज के विकास में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने छात्र-छात्राओं से आह्वान किया कि वे इस दिशा में जागरूकता फैलाने में अपनी भूमिका निभाएं।
इस दौरान बीएससी के छात्र दीपक वर्मा ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के अंत में डॉ. चंद्रप्रभा द्वारा अतिथियों का आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. दरख्शॉ द्वारा किया गया। इस अवसर पर डॉ. पवन त्रिवेदी, डॉ. चंद्र प्रभा, कार्यालय अधीक्षक दिनेश कुमार बाथम सहित अन्य प्राध्यापक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
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