बीसलपुर। सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में आयोजित तीन दिवसीय प्रधानाचार्य कार्य समीक्षा एवं योजना बैठक के दूसरे दिन शिक्षा की गुणवत्ता, अनुशासन और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों को लेकर व्यापक विचार-विमर्श किया गया। बैठक में विभिन्न मंडलों से आए प्रधानाचार्यों ने शिक्षा प्रणाली को और बेहतर बनाने के लिए अपने अनुभव साझा किए।
कार्यक्रम में विद्या भारती के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने शिक्षकों और प्रधानाचार्यों को संबोधित करते हुए संस्कारयुक्त शिक्षा के साथ आधुनिक तकनीकों को अपनाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा को प्रभावी बनाने के लिए पारंपरिक मूल्यों के साथ-साथ नवाचार को भी शामिल करना आवश्यक है।
वक्ताओं ने विद्यालयों में अनुशासन, राष्ट्रभावना और सामूहिक कार्यसंस्कृति को मजबूत करने की जरूरत बताई। साथ ही विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए योजनाबद्ध प्रयासों पर भी जोर दिया गया। बैठक के दौरान समूह चर्चा सत्र आयोजित किए गए, जिनमें प्रधानाचार्यों ने विद्यालयों की शैक्षिक गुणवत्ता बढ़ाने और बेहतर परिणाम हासिल करने के लिए सुझाव प्रस्तुत किए। इन सुझावों के आधार पर आगामी शैक्षिक सत्र के लिए कार्ययोजना तैयार की जाएगी। प्रधानाचार्य डॉ. रविशरण सिंह चैहान ने बताया कि बैठक में हुई चर्चा से शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन शिक्षण प्रणाली को नई दिशा देने में सहायक साबित होते हैं।
