लखनऊ। राजकीय इंटर कॉलेज, निशातगंज में आज उत्कर्ष ग्लोबल फाउंडेशन द्वारा नशा मुक्ति जागरूकता अभियान का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे की बुरी आदतों से दूर रखना तथा उनके स्वास्थ्य और भविष्य पर पड़ने वाले इसके घातक प्रभावों के प्रति जागरूक करना था।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम, स्वास्थ्य मंत्रालय, लखनऊ,उत्तर प्रदेश के सतीश त्रिपाठी उपस्थित रहे। इसके साथ ही कॉलेज के प्रधानाचार्य सौरभ प्रताप सिंह, उप प्रधानाचार्य डॉ.कमलेश चैहान तथा डॉ. आशा पांडे, अन्य शिक्षक गणों की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी प्रभावशाली बनाया। उत्कर्ष ग्लोबल फाउंडेशन की कार्यक्रम प्रबंधक पूनम झा, एवं समाजसेवी देव मिश्रा जी द्वारा पूरे कार्यक्रम का संचालन अत्यंत व्यवस्थित एवं प्रभावी ढंग से किया गया।कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत से हुई, जिसके बाद नशा मुक्ति के महत्व पर विस्तृत चर्चा की गई सतीश त्रिपाठी ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों के बारे में जागरूक करते हुए बताया कि यह न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि मानसिक, सामाजिक और आर्थिक जीवन को भी प्रभावित करता है। उन्होंने बच्चों को समझाया कि नशा व्यक्ति की सोचने-समझने की क्षमता को कमजोर कर देता है और उसे गलत रास्तों की ओर ले जाता है।
विशेष रूप से, कार्यक्रम के दौरान सतीश त्रिपाठी द्वारा बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण भी किए गए। इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन ही एक उज्ज्वल भविष्य की नींव होते हैं। उन्होंने बच्चों को यह भी बताया कि नशे से होने वाले दीर्घकालिक दुष्परिणाम कितने गंभीर हो सकते हैं और इससे बचना क्यों आवश्यक है।कार्यक्रम में ड्रग्स और अन्य नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों पर विस्तार से जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को वास्तविक उदाहरणों के माध्यम से यह समझाया गया कि कैसे नशा धीरे-धीरे व्यक्ति के जीवन को बर्बाद कर देता है। इसके साथ ही नशा मुक्ति से संबंधित टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर भी विद्यार्थियों को वितरित किए गए, ताकि जरूरत पड़ने पर वे सहायता प्राप्त कर सकें।कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्य सौरभ प्रताप सिंह ने विद्यार्थियों को नशा छोड़ने तथा अन्य साथियों को भी इससे दूर रहने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने सभी बच्चों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई और कहा कि युवा वर्ग ही देश का भविष्य है, इसलिए उनका स्वस्थ और जागरूक रहना अत्यंत आवश्यक है।अंततः कार्यक्रम का समापन बच्चों को रिफ्रेशमेंट वितरण के साथ किया गया। इस अभियान ने विद्यार्थियों में सकारात्मक सोच विकसित करने और उन्हें नशे के खिलाफ जागरूक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उत्कर्ष ग्लोबल फाउंडेशन का यह प्रयास समाज में एक स्वस्थ और नशामुक्त वातावरण बनाने की दिशा में एक सराहनीय पहल है।
