बीसलपुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बीसलपुर में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल स्थिति एक बार फिर चर्चा में आ गई है। मरीजों और उनके परिजनों ने आरोप लगाया है कि यहां प्रसव के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है और जरूरी दवाइयां व इंजेक्शन बाहर से खरीदने को मजबूर किया जा रहा है।
सबसे गंभीर आरोप यह है कि यहां तैनात डॉक्टर नाजनीन अस्पताल में नियमित रूप से उपस्थित नहीं रहतीं और अपने निजी अस्पताल में ऑपरेशन करने में व्यस्त रहती हैं। इससे सरकारी अस्पताल में आने वाले मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल में ऑपरेशन की सुविधा न होने के कारण मरीजों को निजी अस्पतालों की ओर रुख करना पड़ता है, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ता है। इस मामले में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आलमगीर ने बताया कि संबंधित डॉक्टर संविदा पर तैनात हैं और अस्पताल समय के बाद निजी प्रैक्टिस करती हैं। हालांकि, लोगों का आरोप है कि डॉक्टर ड्यूटी के दौरान भी अक्सर अनुपस्थित रहती हैं। इस पूरे मामले ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।
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