बाराबंकी। बस स्टेशन से रेलवे स्टेशन तक बनी सड़क में कथित अनियमितताओं को लेकर प्रशासन ने आखिरकार सख्त रुख अपना लिया है। 28 अप्रैल 2026 को नवागत जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह को समाजसेवी मनीष मेहरोत्रा द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र पर त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले की जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं। मनीष मेहरोत्रा की शिकायत को गंभीरता से देखते हुए जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) एवं लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता के नेतृत्व में एक जांच समिति गठित कर दी है। इस कदम से निर्माण कार्य में लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोपों पर अब पर्दा उठने की उम्मीद जताई जा रही है।
स्थानीय लोगों व शिकायत कर्ता का आरोप है कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता की अनदेखी की गई, जिससे कुछ ही समय में सड़क की स्थिति खराब हो गई। जनता के पैसे से बने इस महत्वपूर्ण मार्ग में यदि गड़बड़ी साबित होती है, तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई तय मानी जा रही है।
डीएम की इस कार्रवाई से संबंधित विभागों में हड़कंप मच गया है। अब सबकी निगाहें जांच समिति की रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो यह तय करेगी कि सड़क निर्माण में लापरवाही हुई या फिर भ्रष्टाचार का खेल खेला गया।
शिकायतकर्ताओं ने जिलाधिकारी की त्वरित और सख्त कार्रवाई के लिए आभार जताते हुए उम्मीद जताई है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी और जनता को बेहतर सड़क सुविधा मिल सकेगी।
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