बलिया। जनपद में इंसानियत की एक मार्मिक तस्वीर सामने आई, जहां पहचान से वंचित एक अज्ञात महिला को भी सम्मानजनक विदाई दी गई। जब अपने साथ छोड़ देते हैं, तब समाज ही सहारा बनता हैकृइसी भावना को चरितार्थ करते हुए देवाश्रम की बलिया शाखा ने न केवल अंतिम संस्कार किया, बल्कि पूरे धार्मिक विधि-विधान के साथ उसे गरिमा भी प्रदान की।
-देव सेवा समिति (मिल रोड, परदहां मऊ) द्वारा संचालित देवाश्रम की बलिया शाखा ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए एक अज्ञात हिन्दू महिला के शव का अंतिम संस्कार महावीर घाट श्मशान में कराया। जिला संरक्षक डॉ. कुंवर अरुण सिंह ने बताया कि थाना कोतवाली बांसडीह पुलिस ने पोस्टमार्टम संख्या 207ध्2026 के तहत 7 अप्रैल 2026 को शाम 4 बजे शव देवाश्रम को निःशुल्क सौंपा। महिला का शव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बांसडीह परिसर से बरामद हुआ था।
-देवाश्रम की अंतिम संस्कार टीम द्वारा पोस्टमार्टम हाउस से “जय शिव, जय शव” और “राम नाम सत्य है” के उद्घोष के साथ शव यात्रा निकाली गई, जो महावीर घाट श्मशान पहुंची। शाम 5रू10 बजे देवाश्रम के प्रबंध निदेशक पी.एन. सिंह ने पूरे धार्मिक विधि-विधान के साथ मुखाग्नि दी। इस दौरान वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनिल प्रताप नारायण सिंह उर्फ भगत सिंह व जिलाध्यक्ष दीप नारायण सिंह की संयुक्त अध्यक्षता रही।
-अंतिम संस्कार का पूरा खर्च अठिलापुरा रसड़ा निवासी व एसएम यूनिवर्सल एकेडमी के निदेशक डॉ. भूपेंद्र कुमार सिंह ने अपने पिता स्व. परमहंस सिंह की स्मृति में वहन किया। देवाश्रम ने बताया कि अज्ञात महिला की अस्थियां सुरक्षित रखी जाएंगी, ताकि पहचान होने पर परिजनों को निःशुल्क सौंपा जा सके। इस दौरान डॉ. सुरेंद्र यादव, बालेश्वर प्रसाद, नामदेव सिंह, संतोष पासवान, महाजन गुप्ता, प्रीतम राजभर व शिवदानी डोम सहित कई लोग मौजूद रहे।
