प्रतापगढः आम, लीची एवं शाकभाजी की फसल को कीट एवं व्याधि से बचायें-जिला उद्यान अधिकारी
April 30, 2026
प्रतापगढ़। जिले में जिला उद्यान अधिकारी सुनील कुमार शर्मा ने गुरुवार को बताया है कि बदलते मौसम के कारण आम, लीची और सब्जी फसलों पर कीट एवं रोगों का खतरा बढ़ गया है। विशेषज्ञों के अनुसार इस समय वातावरण में नमी 50 से 60 प्रतिशत तक रहने और अनियमित बारिश के कारण फसलों में कीटों और बीमारियों का प्रकोप तेजी से फैल सकता है। उन्होने बताया है कि आम के बागों में इस समय विशेष निगरानी की जरूरत है, क्योंकि फल बनने की अवस्था में भुनगा, थ्रिप्स और मिलीबग जैसे कीट अधिक सक्रिय हो जाते हैं। ये कीट नई पत्तियों, फूलों और फलों से रस चूसकर फसल को भारी नुकसान पहुंचाते हैं। समय रहते नियंत्रण नहीं करने पर उत्पादन में बड़ी गिरावट आ सकती है। रोकथाम के लिए किसानों को बागों में नियमित निरीक्षण करने, नीले और पीले चिपचिपे ट्रैप लगाने तथा आवश्यकता अनुसार कीटनाशकों का छिड़काव करने की सलाह दी गई है। साथ ही एन्थ्रेक्नोज जैसे फफूंद जनित रोगों से बचाव के लिए भी उचित दवाओं का प्रयोग जरूरी बताया है। उन्होने बताया है कि लीची में फल विकास के दौरान ‘लौंग अवस्था’ सबसे संवेदनशील होती है, जिसमें 40 से 60 प्रतिशत तक फल गिरने का खतरा रहता है। इस स्थिति में उचित सिंचाई, पोषण प्रबंधन और हार्मोन स्प्रे से नुकसान को 20-30 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है। इसके अलावा टमाटर और बेलवर्गीय फसलों में झुलसा रोग के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत फफूंदनाशक का छिड़काव करने की सलाह दी गई है। किसानों को कीटनाशकों का प्रयोग करते समय सावधानियां बरतने, जैसे दस्ताने, मास्क और चश्मे का उपयोग करने तथा दवाओं को बच्चों और पशुओं से दूर रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
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