बलिया। सतीश चंद्र कॉलेज के महिला सशक्तिकरण प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” जागरूकता सप्ताह ने परिसर ही नहीं, बल्कि आसपास के समाज में भी महिला अधिकारों और समान भागीदारी के प्रति नई चेतना जगाई। पदयात्रा, मिस्ड कॉल अभियान, हस्ताक्षर मुहिम और सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं जैसे रचनात्मक माध्यमों के जरिए छात्राओं ने न केवल अपनी भागीदारी दर्ज कराई, बल्कि समाज को भी एक स्पष्ट संदेश दियाकृनारी सशक्तिकरण अब विकल्प नहीं, आवश्यकता है।
कार्यक्रम की शुरुआत भव्य पदयात्रा से हुई, जिसमें “बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ” और “नारी शक्ति - देश की शक्ति” जैसे नारों से पूरा शहर गूंज उठा। इसके साथ ही मिस्ड कॉल अभियान ने तकनीक के माध्यम से जागरूकता का नया आयाम प्रस्तुत किया। “नारी शक्ति दीवार” और हस्ताक्षर अभियान ने सामूहिक प्रतिबद्धता को मजबूत किया, जबकि चित्रकला, रंगोली और नुक्कड़ नाटकों ने संवेदनात्मक अभिव्यक्ति के जरिए मुद्दों को जीवंत बना दिया।
करीब 250 प्रतिभागियों की सक्रिय भागीदारी और सैकड़ों हस्ताक्षरों के साथ यह कार्यक्रम न केवल सफल रहा, बल्कि इसने यह भी साबित किया कि युवा पीढ़ी सामाजिक बदलाव की सबसे सशक्त धुरी बन सकती है। प्राचार्य प्रो. बी.एन. पाण्डेय और समन्वयक डॉ. अंजू पटेल के नेतृत्व में आयोजित यह पहल आने वाले समय में ऐसे और जनोपयोगी अभियानों की दिशा तय करती नजर आ रही है।
