बलिया। जिले के माटीकला कारीगरों और पारंपरिक कुम्हारों के लिए राहत और अवसर दोनों लेकर एक महत्वपूर्ण योजना शुरू की गई है। माटीकला बोर्ड के तत्वावधान में जिला ग्रामोद्योग कार्यालय द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए निःशुल्क विद्युत चालित चाक वितरण योजना लागू की जा रही है, जिसके तहत पात्र कारीगरों को आधुनिक संसाधनों से जोड़कर उनके पारंपरिक व्यवसाय को मजबूती देने का प्रयास किया जाएगा।
जिला ग्रामोद्योग अधिकारी संस्कृति गुप्ता ने बताया कि योजना का उद्देश्य माटीकला से जुड़े कामगारों को आत्मनिर्भर बनाना, उत्पादन क्षमता बढ़ाना और उनकी आय में वृद्धि सुनिश्चित करना है। विद्युत चालित चाक के माध्यम से कारीगर कम समय में अधिक उत्पादन कर सकेंगे, जिससे उनके रोजगार को नई गति मिलेगी।
उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष भी चन्द्रशेखर उद्यान में 35 माटीकला कारीगरों को परिवहन मंत्री के हाथों विद्युत चालित चाक वितरित किए गए थे, जिससे लाभार्थियों के कार्य में सुधार और आय में बढ़ोतरी दर्ज की गई। उसी अनुभव को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष भी योजना का विस्तार किया गया है।
इच्छुक लाभार्थी 20 मई 2026 तक ूूू.नचउंजपांसंइवंतक.पद पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदक की आयु 18 से 55 वर्ष के बीच निर्धारित की गई है। आवेदन के साथ फोटो, जाति प्रमाण पत्र, शैक्षिक योग्यता प्रमाण पत्र और राशन कार्ड अपलोड करना अनिवार्य होगा।
ऑनलाइन आवेदन के बाद उसकी प्रिंट कॉपी तथा आवश्यक दस्तावेजों के साथ 25 मई 2026 तक जिला ग्रामोद्योग कार्यालय, रामपुर उदयभान, बलिया में जमा करना होगा। प्रशासन ने पात्र कारीगरों से योजना का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की है, ताकि पारंपरिक हुनर आधुनिक तकनीक के सहारे नई पहचान पा सके।
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