लखनऊ। राजधानी के लेसा मध्य जोन में भ्रष्टाचार, मनमानी और उपभोक्ताओं के साथ अभद्र व्यवहार के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। विभागीय कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ताजा घटनाक्रमों ने यह साबित कर दिया है कि मध्य जोन में कुछ अधिकारी जनता की सेवा नहीं, बल्कि शोषण और दबंगई में लगे हुए हैं।
हाल ही में एक मामले में उपभोक्ता से डेढ़ लाख रुपये रिश्वत मांगने का वीडियो वायरल होने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया। मामला सामने आते ही अधीक्षण अभियंता मुकेश त्यागी ने अवर अभियंता निलेश कुमार सिंह को निलंबित कर दिया गया। इस कार्रवाई ने यह साफ कर दिया कि जोन में भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं।
वहीं दूसरी ओर मध्यांचल के चर्चित एवं विवादित अवर अभियंता आर एन वर्मा का नया कारनामा सामने आया है। आरोप है कि उन्होंने एक अधिवक्ता के साथ न सिर्फ अभद्रता की, बल्कि उसका आवेदन पत्र फाड़कर फेंक दिया। जब पीड़ित पक्ष ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाना शुरू किया तो कथित तौर पर दबंगई दिखाते हुए उसका मोबाइल भी छीन लिया गया।यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है,
हालांकि विधान केसरी दोनों ही मामलों में वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता परंतु इस घटना के बाद विभाग की छवि एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। जनता पूछ रही है कि आखिर ऐसे बेलगाम अधिकारियों पर कब लगाम लगेगी?
गौरतलब है चर्चित अवर अभियंता आर्यन वर्मा पर मोहनलालगंज में तनाती के दौरान ₹50000 रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों विजिलेंस ने गिरफ्तार किया था जिसमें उनको जेल की हवा खानी पड़ी थी
लगातार रिश्वत, बदसलूकी और दबंगई के मामलों से साफ है कि लेसा मध्य जोन में अनुशासन नाम की चीज खत्म होती जा रही है। यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो जनता का भरोसा पूरी तरह टूट जाएगा।
उपभोक्ताओं और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि वायरल वीडियो की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर तत्काल निलंबन एवं विभागीय कार्रवाई की जाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।
