पीलीभीत। जनपद के विभिन्न विद्यालयों में बैसाखी का पर्व इस बार खास उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया। बैसाखी के अवसर पर शैमरॉक किरन स्कूल और शेमफोर्ड फ्यूचरिस्टिक स्कूल में रंगारंग कार्यक्रमों की धूम रही, जहां बच्चों ने पारंपरिक वेशभूषा, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और रचनात्मक गतिविधियों के जरिए अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।
कार्यक्रमों की शुरुआत दोनों विद्यालयों में पवित्र ‘इक ओंकार’ की प्रार्थना के साथ हुई, जिससे वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा। शिक्षकों द्वारा बच्चों को बैसाखी के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व से अवगत कराया गया। बताया गया कि 13 अप्रैल का दिन जहां फसल कटाई की खुशियों का प्रतीक है, वहीं इसी दिन वर्ष 1699 में गुरु गोविंद सिंह द्वारा खालसा पंथ की स्थापना भी की गई थी।
शैमरॉक किरन स्कूल में कक्षा द्वितीय के छात्र माधव मिश्रा ने बैसाखी पर प्रभावशाली भाषण प्रस्तुत किया, जबकि ग्रेड 4 और 5 के विद्यार्थियों ने “आई बैसाखी” गीत पर ऊर्जावान नृत्य कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं शेमफोर्ड फ्यूचरिस्टिक स्कूल में कक्षा 6 के विद्यार्थियों ने बैसाखी के महत्व पर अपने विचार रखे और भांगड़ा नृत्य के जरिए पूरे माहौल को जीवंत बना दिया।
रचनात्मकता को बढ़ावा देने के लिए दोनों विद्यालयों में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। छोटे बच्चों ने पोस्टर मेकिंग, पिन-व्हील, पगड़ी निर्माण, ढोलक सज्जा और फिंगर टिपिंग जैसी गतिविधियों में भाग लेकर अपनी कल्पनाशक्ति और कौशल का परिचय दिया।
विद्यालयों की प्रधानाचार्याओं व प्रबंधन ने बच्चों को बैसाखी की शुभकामनाएं देते हुए उनके उत्साह और प्रस्तुति की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से बच्चों को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलता है, जो उनके सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।
इस दौरान शिक्षकों और स्टाफ की सक्रिय भागीदारी ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पूरे आयोजन के दौरान विद्यालय परिसर हंसी, उमंग और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर रहा। कार्यक्रम का समापन उल्लासपूर्ण वातावरण और बच्चों के चेहरों पर मुस्कान के साथ हुआ।
