पीलीभीत। महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों को लेकर एक बड़ा आयोजन देखने को मिला, जहां गांधी प्रेक्षागृह में महिला जन आक्रोश सम्मेलन आयोजित किया गया। इसके बाद महिलाओं ने जन आक्रोश पदयात्रा निकालकर अपने अधिकारों के समर्थन में आवाज बुलंद की। कार्यक्रम में जिले भर से आई महिलाओं की सक्रिय भागीदारी ने इसे प्रभावशाली बना दिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद शामिल हुए। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में महिलाओं को केवल सम्मान देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें निर्णय लेने की प्रक्रिया में भी बराबर की भागीदारी मिलनी चाहिए। उन्होंने बताया कि सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न योजनाएं चला रही है, जिससे वे हर क्षेत्र में आगे बढ़ सकें।
बरखेड़ा विधायक स्वामी प्रवक्तानंद महाराज ने भी अपने विचार रखते हुए कहा कि भारतीय समाज में नारी का स्थान हमेशा महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक महिलाओं को समान अवसर नहीं मिलेंगे, तब तक समाज का समग्र विकास संभव नहीं है। उन्होंने महिलाओं से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की अपील की।
भाजपा जिलाध्यक्ष गोकुल प्रसाद मौर्य ने कहा कि वर्तमान सरकार ने महिलाओं को सम्मान और अवसर देने का कार्य किया है। वहीं पूर्व जिलाध्यक्ष संजीव प्रताप सिंह ने महिलाओं को आरक्षण दिए जाने को जरूरी बताते हुए कहा कि इससे उनकी भागीदारी और प्रभाव दोनों बढ़ेंगे।
सम्मेलन के बाद निकाली गई पदयात्रा में महिलाओं का उत्साह देखने लायक रहा। उन्होंने नारे लगाते हुए समाज को यह संदेश दिया कि अब महिलाएं अपने अधिकारों के लिए खुलकर सामने आ रही हैं और किसी भी तरह के अन्याय को सहन नहीं करेंगी।
इस दौरान कई जनप्रतिनिधि और पदाधिकारी भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि महिलाओं के सम्मान और अधिकारों को लेकर समाज में जागरूकता बढ़ रही है और आने वाले समय में महिलाएं और मजबूत भूमिका निभाती नजर आएंगी।
