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पीलीभीतः खुशबू अब दुनिया तककृबासमती हब बनने की दिशा में बड़ा कदम


पीलीभीत। जनपद के लिए यह पहल केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि कृषि क्षेत्र में बदलाव की ठोस शुरुआत के रूप में देखी जानी चाहिए। बासमती चावल और जैविक खेती के क्षेत्र में जिले को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने की दिशा में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद की मौजूदगी में बासमती एवं जैविक प्रशिक्षण केंद्र सह प्रदर्शन फार्म की स्थापना का निर्णय एक दूरदर्शी कदम है।

पीलीभीत को देश का दूसरा बासमती प्रशिक्षण केंद्र और पहला जैविक डेमो फार्म मिलना यह दर्शाता है कि अब खेती को केवल उत्पादन तक सीमित न रखकर उसे वैश्विक बाजार से जोड़ने की रणनीति पर गंभीरता से काम किया जा रहा है। एपीडा और बासमती निर्यात विकास फाउंडेशन (ठम्क्थ्) के माध्यम से तैयार की जा रही यह परियोजना किसानों को बीज से लेकर निर्यात तक पूरी श्रृंखला में सक्षम बनाएगी।

इस केंद्र के माध्यम से किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकोंकृजैसे एकीकृत कीट प्रबंधन (प्च्ड), एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन (प्छड), जैविक प्रमाणीकरण और ट्रेसबिलिटीकृका प्रशिक्षण मिलेगा। इससे पीलीभीत का किसान न केवल बेहतर उत्पादन करेगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप अपनी उपज को वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार कर सकेगा।

केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने अपने उद्बोधन में स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि निर्यात को गति देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पीलीभीत का बासमती चावल आने वाले समय में दुनिया के करीब 100 देशों तक पहुंचेगा, जिससे जिले को नई पहचान और किसानों को बेहतर मूल्य मिलेगा।

इस महत्वपूर्ण अवसर पर कई जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में एमएलसी डॉ. सुधीर गुप्ता, पूरनपुर विधायक बाबूराम पासवान, बरखेड़ा विधायक स्वामी प्रवक्तानंद महाराज, बीसलपुर विधायक विवेक वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष गोकुल प्रसाद, एपीडा के चेयरमैन अभिषेक देव, जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह, एरिया जनरल सेक्रेटरी अजय भलोतिया तथा एपीडा के सचिव डॉ. सुधांशु सहित बड़ी संख्या में किसान, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने इस परियोजना को जिले के लिए ऐतिहासिक बताया और इसे किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना।

यह उल्लेखनीय है कि इस परियोजना को पीलीभीत में स्थापित कराने में विभिन्न जनप्रतिनिधियों के सामूहिक प्रयास शामिल रहे। विशेष रूप से बरखेड़ा विधायक स्वामी प्रवक्तानंद महाराज द्वारा लगातार उठाए गए मुद्दों और क्षेत्र के विकास के प्रति सक्रियता ने इस दिशा में सकारात्मक माहौल बनाने में भूमिका निभाई। उनके विधानसभा क्षेत्र सहित पूरे जनपद के किसानों को इसका लाभ मिलेगा, जो क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व की सार्थकता को भी दर्शाता है।

हालांकि यह भी उतना ही महत्वपूर्ण है कि यह उपलब्धि किसी एक व्यक्ति नहीं, बल्कि सरकार, जनप्रतिनिधियों, प्रशासन और किसानों के साझा प्रयासों का परिणाम है। सभी की सहभागिता ने इस योजना को जमीन पर उतारने में अहम भूमिका निभाई है।

पीलीभीत में बासमती एवं जैविक प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना एक दीर्घकालिक परिवर्तन की शुरुआत है। इससे न केवल किसानों की आय बढ़ेगी, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे और जिले को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी।

यदि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया गया, तो वह दिन दूर नहीं जब पीलीभीत देश ही नहीं, बल्कि विश्व स्तर पर बासमती चावल के प्रमुख केंद्र के रूप में अपनी अलग पहचान बनाएगा।

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